बिना मान्यता संचालित स्कूल को नोटिस, तीन दिन में जवाब तलब
• छात्रों का मान्यता प्राप्त विद्यालयों में नामांकन कराने के निर्देश, एक लाख तक जुर्माने की चेतावनी
सोनभद्र। एक तरफ सरकार जहां बच्चों को गुणवतापूर्ण शिक्षा देने के तमाम जतन के रही है, वही गली – गली कुकुरमुत्ते की तरह उड़े बिना मानक के अवैध स्कूल सरकारी मंशा के पतीले लगा रहे और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे। हालिया मामला जनपद सोनभद्र के शिक्षा क्षेत्र घोरावल का है जहां धनावल ग्राम में बिना बुनियादी जरूरतों और आवश्यकता के अवैध रूप से स्काईलाइन विद्यालय संचालित है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां ना तो मानक के अनुरूप कमरे हैं ना ही बच्चों के खेलने के लिए मैदान। शिकायत पर खंड शिक्षा अधिकारी घोरावल अरविंद कुमार ने स्काई लाइन स्कूल, धनावल को बिना मान्यता के विद्यालय संचालित किए जाने के आरोप में नोटिस जारी किया है। नोटिस के अनुसार विद्यालय में नर्सरी से कक्षा 8 तक की कक्षाएं बिना मान्यता के संचालित की जा रही हैं। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2009 की धारा-18 का हवाला देते हुए कहा गया है कि बिना मान्यता विद्यालय का संचालन नियमों का उल्लंघन है। विभाग ने विद्यालय प्रबंधन से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। हालांकि ग्रामीणों द्वारा यह भी आरोप लगाया गया कि विद्यालय द्वारा प्रशासनिक नोटिस प्राप्त करने के बावजूद विद्यालय अगले दिन धड़ल्ले से संचालित रहा।
• तीन दिन में अनुपालन नहीं होने पर होगी सख्त कार्रवाई
नोटिस में विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि विद्यालय में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं का निकटवर्ती मान्यता प्राप्त विद्यालयों में नामांकन कराकर उसका प्रमाण खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में निर्देशों का पालन नहीं करने पर अधिनियम के तहत एक लाख रुपये तक जुर्माना, तथा विद्यालय संचालन जारी रखने की स्थिति में 10 हजार रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा नियमानुसार अन्य विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
