यूपी में किसानों को बड़ी राहत: कृषक दुर्घटना और अग्निकांड सहायता योजनाएं 2030 तक बढ़ीं; ‘कृषक छात्रवृत्ति’ का दायरा भी होगा विस्तृत
उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद की 172वीं बैठक में लिए गए अहम फैसले। किसानों की सुरक्षा और उनके बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार ने बढ़ाया मदद का हाथ।
- सहायता योजनाओं की अवधि 2030 तक बढ़ी
लखनऊ | उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के संचालक मंडल की 172वीं बैठक में किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए दो प्रमुख सहायता योजनाओं की अवधि को 30 जून 2030 तक बढ़ाने की स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना की वैधता अवधि अब 1 जुलाई, 2025 से 30 जून, 2030 तक रहेगी। इस फैसले से प्रदेश भर के किसान परिवारों को बड़ी सुरक्षा मिलेगी और किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उन्हें सरकारी मदद सुनिश्चित होगी।
कृषक छात्रवृत्ति योजना का दायरा विस्तृत, अधिक पात्र छात्रों को मिलेगा लाभ
बैठक में किसानों के बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी एक बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का दायरा अब और भी विस्तृत किया जाएगा। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिकाधिक पात्र विद्यार्थी, विशेषकर किसान परिवारों के बच्चे, इस योजना का लाभ उठा सकें। सरकार की मंशा है कि पैसे की कमी की वजह से किसी भी प्रतिभावान छात्र की पढ़ाई न रुके। यह कदम प्रदेश में कृषि शिक्षा और ग्रामीण युवाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
