सुदृढ़ पंचायत विकास योजना से ही बनेगा आत्मनिर्भर और समृद्ध गांव : सीडीओ

एटा। विकास भवन सभागार, एटा में सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी श्री राजेन्द्र प्रसाद मिश्र की अध्यक्षता में पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) विषय पर जिला स्तरीय एवं विकास खण्ड स्तरीय अधिकारियों के लिए एक दिवसीय जनपद स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी श्री मिश्र ने कहा कि ग्राम पंचायतों का समग्र एवं सतत विकास एक प्रभावी और दूरदर्शी पंचायत विकास योजना पर निर्भर करता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से ग्रहण करने तथा प्राप्त ज्ञान को ग्राम पंचायतों में प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सुविचारित कार्ययोजना से ही ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, सामाजिक न्याय तथा समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान वरिष्ठ फैकल्टी, सहायक फैकल्टी एवं प्रशिक्षकों ने गुणवत्तापूर्ण ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया, पंचायतों की भूमिका, जनभागीदारी, ग्रामीण पेयजल आपूर्ति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा पी.ए.आई. पोर्टल पर ग्राम पंचायतों की ऑनलाइन प्रगति देखने की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों को बताया गया कि कार्ययोजना में कम लागत एवं बिना लागत वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, साथ ही समाज के शोषित, वंचित एवं कमजोर वर्गों के हितों को विशेष रूप से शामिल किया जाए।
प्रशिक्षकों ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना की बैठक से पूर्व महिला सभा एवं बाल सभा का आयोजन अत्यंत आवश्यक है, ताकि महिलाओं एवं बच्चों की आवश्यकताओं से जुड़े विकास कार्यों को योजना में प्राथमिकता मिल सके और विकास प्रक्रिया अधिक समावेशी बन सके।
प्रशिक्षण के दौरान डीआईपीएम द्वारा 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत टाइड एवं अनटाइड फंड के प्रभावी एवं नियमानुसार उपयोग की विस्तृत जानकारी भी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि उपलब्ध संसाधनों का पारदर्शी एवं जनहितकारी उपयोग ही ग्राम पंचायतों के समग्र विकास का आधार बनेगा।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षण का समापन किया। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ फैकल्टी डीपीआरसी एटा नाहर सिंह द्वारा किया गया।
यह प्रशिक्षण ग्राम पंचायतों को अधिक सक्षम, पारदर्शी एवं जनभागीदारी आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा, जिससे ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुँच सकेगा।

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