- रिपोर्ट: सुरजीत सिंह
New Delhi: NEET पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा आंदोलनकारियों की अधिकांश मांगें स्वीकार किए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि, आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है।
दिल्ली पुलिस को नहीं मिला केस वापस लेने का निर्देश
आंदोलन समाप्त होने के बाद सबसे बड़ा सवाल छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, अभी तक सरकार की ओर से मामलों को वापस लेने का कोई औपचारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने के बाद ही कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और उससे जुड़ी घटनाओं में दिल्ली पुलिस ने अब तक करीब 20 मामले दर्ज किए हैं।
कितने मामले प्रदर्शन और हिंसा से जुड़े?
पुलिस के अनुसार, दर्ज मामलों में 14 एफआईआर प्रदर्शन और कथित हिंसा से संबंधित हैं। इसके अलावा एक मामला बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने का है, जबकि अन्य मामलों में पत्रकारों और कुछ अन्य लोगों की शिकायतों पर केस दर्ज किए गए हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि सरकार मामलों को वापस लेने का निर्देश देती है, तो अभियोजन पक्ष (दिल्ली पुलिस) उपराज्यपाल (LG) को पत्र भेजेगा। एलजी की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित अदालत को सूचित किया जाएगा कि इन मामलों में आगे अभियोजन नहीं चलाना है। अंतिम निर्णय अदालत के अधिकार क्षेत्र में होगा।
हालांकि, पत्रकारों पर कथित हमलों से जुड़े मामलों को वापस लेने की संभावना नहीं जताई गई है।
CJP ने सरकार से रखी थीं ये प्रमुख मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन के दौरान सरकार के सामने कई मांगें रखी थीं। इनमें प्रमुख रूप से—
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लेना।
- NEET पेपर लीक से जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।
- भविष्य में आंदोलनकारियों और आयोजकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज न किए जाने का आश्वासन।
CJP का कहना है कि सरकार से मिले आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया गया।
CJP जल्द करेगी अगली रणनीति का ऐलान
आंदोलन समाप्त होने के एक दिन बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन जल्द ही अपनी अगली रणनीति की घोषणा करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को आगे भी उठाया जाएगा।
दीपके ने कहा कि आंदोलन अभी समाप्त हुआ है और संगठन आगामी कदमों पर विचार कर रहा है। जल्द ही आगे की रणनीति सार्वजनिक की जाएगी।
