एटा, 22 जुलाई। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने भारत सरकार द्वारा अमेरिका, यूरोपीय संघ (EU), यूनाइटेड किंगडम (UK) और न्यूजीलैंड के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के विरोध में महामहिम राष्ट्रपति, भारत गणराज्य के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से प्रेषित किया। राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के प्रतिनिधि उपजिलाधिकारी को सौंपा गया।
ज्ञापन में किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे ये मुक्त व्यापार समझौते देश के करोड़ों छोटे एवं मध्यम किसानों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए गंभीर संकट पैदा करेंगे। उनका आरोप है कि इन समझौतों के लागू होने से भारत का बाजार भारी सरकारी सब्सिडी प्राप्त विदेशी कृषि उत्पादों और प्रसंस्कृत औद्योगिक वस्तुओं से भर जाएगा, जिससे भारतीय किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल सकेगा और स्थानीय उद्योगों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि कॉर्पोरेट हितों के दबाव में तथा बिना व्यापक जनचर्चा के इस प्रकार के समझौते करना देश के किसानों, मजदूरों और छोटे उद्योगों के हितों के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसी भी मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले किसानों के संगठनों, कृषि विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से व्यापक संवाद किया जाए तथा देश के कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के जिला संयोजक राजेंद्र सिंह, कॉमरेड राजाराम यादव, भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष रघुराज सिंह यादव, जिला अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह, उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिला कोषाध्यक्ष सुरेश यादव, जिला अध्यक्ष शिवाजी, जिला सचिव योगेश बघेल सहित अनेक किसान नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो संयुक्त किसान मोर्चा देशव्यापी आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होगा।
