- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार, पेपर लीक और नई शिक्षा नीति के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में भाकपा (माले) ने सोमवार को राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
भाकपा (माले) मिर्जापुर जिला कार्यालय की ओर से भेजे गए इस ज्ञापन में कहा गया कि जंतर मंतर पर पिछले 1 महीने से छात्र-युवा न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के तहत 23 दिनों से भूख हड़ताल भी जारी है।

पार्टी ने 18 जुलाई को 21 दिन से अनशन पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन उठाए जाने की कड़ी निंदा की। ज्ञापन में इसे “दमनात्मक कार्रवाई” बताया गया और कहा गया कि सरकार भ्रष्टाचार और पेपर लीक के मुद्दे पर जवाब देने के बजाय आंदोलनकारियों का दमन कर रही है।

भाकपा (माले) की 5 प्रमुख मांगें
1. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें
2. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी NTA को भंग कर उसकी जगह पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाई जाए
3. नई शिक्षा नीति 2020 को रद्द किया जाए
4. पेपर लीक व भ्रष्टाचार पर सख्त रोक लगाई जाए
5. सभी के लिए सस्ती, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी दी जाए
भाकपा (माले) के जिला सचिव ने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर आज पूरे उत्तर प्रदेश में प्रतिवाद मार्च और धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है।
