अखिल भारतीय पंचायत परिषद की राष्ट्रीय कार्यसमिति व महासमिति की बैठक में पंचायत सशक्तिकरण पर मंथन
ग्राम स्वराज को मजबूत बनाने और पंचायतों को संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए चलाया जाएगा जनजागरण अभियान
अलीगढ़, 20 जुलाई: अखिल भारतीय पंचायत परिषद की राष्ट्रीय कार्यसमिति एवं महासमिति की बैठक रविवार को धर्मपुर कोर्टयार्ड, अलीगढ़ में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए राष्ट्रीय पदाधिकारियों और महासमिति सदस्यों ने भाग लेते हुए पंचायतों को संविधान के 73वें एवं 74वें संशोधन के अनुरूप संवैधानिक, प्रशासनिक और आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाने पर व्यापक विचार-विमर्श किया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य परिषद के 18वें राष्ट्रीय सम्मेलन, जो गत वर्ष गंडक (कर्नाटक) में आयोजित हुआ था, उसमें पंचायतों के हित में पारित 12 प्रस्तावों के क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार करना रहा। महासमिति की बैठक में पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारों की रक्षा, ग्राम सभा की अवधारणा को मजबूत करने, स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ बनाने तथा ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने अनुभव भी साझा किए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध कांत सहाय ने कहा कि संविधान संशोधन के अनुरूप पंचायतों को दिए गए सभी अधिकार राज्य सरकारों द्वारा तत्काल ग्राम पंचायतों को सौंपे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों के समुचित विकास के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर हो रहे पलायन को रोकने के लिए गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना आवश्यक है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से गांव-गांव जाकर विचार गोष्ठियों, जनजागरण अभियान और संघर्ष के माध्यम से गदग सम्मेलन में पारित 12 प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए अभियान चलाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अशोक चौहान ने कहा कि ग्राम स्वराज की अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए पंचायत परिषद के प्रतिनिधियों को गांव-गांव जाकर पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान में सहयोग करना होगा तथा संगठन को गांव स्तर तक मजबूत करना होगा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष दादा डी.पी. राय ने कहा कि अखिल भारतीय पंचायत परिषद वर्ष 1958 से पंजीकृत संस्था है, जो पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने राज्य सरकारों से पंचायतों को उनके पूर्ण अधिकार देने की मांग की।
बैठक को ठाकुर ध्यानपाल सिंह, चौधरी भूपेंद्र सिंह, धीरेंद्र गुर्जर, चौधरी वीरेंद्र सिंह, राणा दिनेश प्रताप सिंह, मोहनलाल शर्मा, राजेंद्र सिंह तोमर, उमेश शर्मा, घनश्याम सिंह, राम केवट, जलील अहमद, दिनेश कुंड, बलदेव सिंह, राकेश कुलवंत फर्नांडिस, सुंदरी, शुभम कश्यप, राहुल चौधरी और पूरन सिंह सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महासचिव अनिल शर्मा ने किया। राष्ट्रीय महासचिव गवेंद्र सिंह एडवोकेट एवं राष्ट्रीय सचिव डॉ. राकेश सक्सेना ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह, योगेंद्र पाल सिंह, बंटी, विपिन राणा एडवोकेट, अर्जुन सिंह, भोलू राजा, आनंद, दुर्गेश चंद गौतम एडवोकेट, प्रशांत कुमार सिंह, अवनीश कुमार सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह, धर्मवीर सिंह, सुशील गुप्ता एडवोकेट, कुंवर कुशवीर सिंह एडवोकेट, कलम की ताकत पत्रकार महासंगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर आरिफ अली खान, महिला प्रदेश अध्यक्ष रजनी रावत, आकाश सक्सेना, सुधीर सक्सेना तथा प्रदीप कुमार एडवोकेट सहित अनेक लोगों का सराहनीय सहयोग रहा।
बैठक के अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध कांत सहाय एवं राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अशोक चौहान का राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट कर तथा शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। देशभर से आए सभी प्रतिनिधियों का भव्य स्वागत भी किया गया।
