चढ़ावा चोरी मामला: आरोपियों से कराया गया सीन रिक्रिएशन, निशानदेही पर कार और दो बाइक बरामद

  • रिपोर्ट: सुरजीत सिंह

नई दिल्ली। चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। गिरफ्तार आरोपी टिन्नू और मनीष की निशानदेही पर पुलिस ने घटना का सीन रिक्रिएशन (Scene Recreation) कराया। इस दौरान जांच टीम ने कथित तौर पर आरोपियों से घटना के पूरे घटनाक्रम, आने-जाने के रास्तों और चोरी को अंजाम देने के तरीके को दोबारा समझने का प्रयास किया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के आधार पर आरोपियों की निशानदेही पर एक कार और दो मोटरसाइकिल भी बरामद की गई हैं। इन वाहनों की अब फोरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इनका उपयोग वारदात में किया गया था या नहीं।

सीन रिक्रिएशन से साक्ष्यों का होगा मिलान
जांच अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों आरोपियों को घटनास्थल और उससे जुड़े अन्य स्थानों पर ले जाकर कथित घटनाक्रम को दोहराया। पुलिस का कहना है कि इस प्रक्रिया से आरोपियों के बयानों का उपलब्ध भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के साथ मिलान करने में मदद मिलेगी।

वाहनों की होगी वैज्ञानिक जांच
बरामद कार और दोनों मोटरसाइकिलों के पंजीकरण दस्तावेज, स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि फोरेंसिक जांच में इन वाहनों के वारदात में इस्तेमाल होने की पुष्टि होती है, तो इन्हें मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया जाएगा।

इन पहलुओं पर केंद्रित है जांच
पुलिस फिलहाल कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच कर रही है, जिनमें शामिल हैं—

  • चोरी की योजना किस प्रकार बनाई गई?
  • वारदात में कुल कितने लोग शामिल थे?
  • बरामद वाहनों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया?
  • चोरी गए चढ़ावे का कितना हिस्सा बरामद हुआ?
  • क्या इस मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका है?

फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों की भी होगी जांच
मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस विभिन्न तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है। इनमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), वाहन संबंधी रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट, अन्य फोरेंसिक साक्ष्य तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान शामिल हैं।

न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी जिम्मेदारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है। भारतीय कानून के अनुसार केवल गिरफ्तारी या बरामदगी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों और सुनवाई के आधार पर किया जाएगा।

फिलहाल पुलिस आरोपियों से आगे की पूछताछ, चोरी गए चढ़ावे की शेष बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। जांच में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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