रिपोर्टर: पंकज झा
वाराणसी। धर्म और आस्था की नगरी काशी के हृदयस्थल गोदौलिया स्थित ऐतिहासिक काशीराज काली मंदिर परिसर में शनिवार को प्रशासनिक हलचल तेज रही। सिटी मजिस्ट्रेट विजय त्रिवेदी एवं तहसीलदार आशीष सिंह ने मंदिर परिसर का विस्तृत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने मंदिर के पुजारियों और संबंधित लोगों से बातचीत कर परिसर में व्याप्त विभिन्न समस्याओं की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंदिर परिसर और उससे जुड़े मार्गों का गहन अवलोकन किया। प्रशासन की टीम ने मंदिर परिसर में रह रहे किरायेदारों से किरायेदारी संबंधी दस्तावेज और किराए की रसीदें प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के पास वैध किरायेदारी के दस्तावेज अथवा रसीदें उपलब्ध नहीं होंगी, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें परिसर से हटाया जाएगा।
मौके पर यह भी पाया गया कि कुछ लोगों द्वारा मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण कर आवागमन में बाधा उत्पन्न की जा रही है। अधिकारियों ने मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
प्रशासन ने रेस्टोरेंट संचालक विनोद पटेल और रमेश यादव को कड़ी फटकार लगाते हुए अंतिम चेतावनी जारी की। अधिकारियों ने कहा कि मंदिर परिसर और उसके मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अथवा अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान यह भी संज्ञान में आया कि मंदिर मार्ग के आसपास गाय बांधने और अस्थायी ढांचे खड़े करने से श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है।
अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जुड़े स्थलों की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए अवैध कब्जों और अनधिकृत किरायेदारी के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। मंदिर परिसर में प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
