रामपुर में धड़ल्ले से चल रहे अवैध स्विमिंग पूल, बिना लाइफगार्ड और सुरक्षा मानकों के बच्चों की जान से खिलवाड़
रामपुर। गर्मी के मौसम में रामपुर जिले में अवैध रूप से संचालित स्विमिंग पूलों का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। आरोप है कि जिले में कई स्विमिंग पूल बिना आवश्यक अनुमति और ऑनलाइन पंजीकरण के संचालित किए जा रहे हैं, जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर छोटे-छोटे बच्चों की जान जोखिम में डाली जा रही है।
बताया जा रहा है कि जिले के कई स्विमिंग पूलों का संबंधित पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण तक नहीं है। इसके बावजूद संचालक खुलेआम बच्चों से 50 से 100 रुपये तक प्रवेश शुल्क वसूल रहे हैं, जबकि सामान रखने के नाम पर अलग से 50 रुपये लिए जा रहे हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि इन स्विमिंग पूलों में न तो प्रशिक्षित कोच मौजूद हैं, न ही लाइफगार्ड की व्यवस्था है। बच्चों को बिना किसी प्रशिक्षण और सुरक्षा इंतजाम के पूल में उतारा जा रहा है। कई स्थानों पर बच्चों के बीच झगड़े और धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
गंज थाना क्षेत्र स्थित पुलिस लाइन के निकट संचालित एक निजी “फन पूल” को लेकर भी स्थानीय लोगों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि संचालकों की प्राथमिकता केवल अधिक से अधिक पैसा कमाना है, जबकि बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है।
इस मामले में जिला क्रीड़ा अधिकारी संतोष कुमार ने कहा कि जिले में यदि कोई स्विमिंग पूल बिना मानकों और बिना पंजीकरण के संचालित हो रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी संचालकों को खेल साथी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि स्विमिंग पूल संचालन के लिए कई सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है, जिनमें प्रशिक्षित लाइफगार्ड, योग्य कोच, पानी का फिल्ट्रेशन सिस्टम, निर्धारित गहराई, सुरक्षा उपकरण और आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी अस्पताल की उपलब्धता शामिल है। जो संचालक इन मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए स्विमिंग पूल बंद कराए जाएंगे।
प्रशासन का कहना है कि जल्द ही जिले में अवैध रूप से संचालित स्विमिंग पूलों की जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
