गाजियाबाद में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया है। कौशाम्बी थाना क्षेत्र के वैशाली स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट को 16 मई को स्थानीय दुकानदारों से विवाद के बाद पुलिस ने शांति भंग की आशंका में जेल भेजा था। 21 मई को डासना जेल से रिहा होने के बाद वह घर नहीं पहुंचा, जिससे परिजन परेशान हो गए।
इसी बीच 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव मिला, जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर के रूप में की। पहचान के बाद परिवार ने कौशाम्बी थाने पर हंगामा किया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया।
लेकिन अब कहानी में बड़ा मोड़ आ गया है। जिस गिरधर को मृत मान लिया गया था, वह सकुशल अपने घर लौट आया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि गिरधर इतने दिनों तक कहां था, परिजनों ने शव की पहचान कैसे की, और आखिर वह लावारिस शव किसका था? पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
