कोलकाता। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कोलकाता दौरे को लेकर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने उनका स्वागत किया है। साथ ही उन्होंने पार्टी से जुड़े हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और काकोली घोष दस्तीदार के मुद्दे पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
आईएएनएस से बातचीत के दौरान सौगत रॉय ने कहा कि प्रधानमंत्री इस बार चुनावी प्रचार के लिए नहीं, बल्कि योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कोलकाता आ रहे हैं, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।
काकोली घोष दस्तीदार की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे गए पत्र के संबंध में उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए उन्हें जानकारी मिली है कि काकोली घोष ने ऐसी पार्टी का साथ चुना है, जो भाजपा समर्थक और टीएमसी विरोधी मानी जाती है।
सौगत रॉय ने यह भी कहा कि सांसद कल्याण बनर्जी अभी भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े हैं, लेकिन उन्हें कमजोर करने की कोशिशें की जा सकती हैं।
इस बीच, कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि ममता बनर्जी शुरू से ही ‘इंडिया’ गठबंधन का अहम चेहरा रही हैं और भाजपा लगातार उन पर राजनीतिक हमले कर रही है।
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने टीएमसी और कांग्रेस के संभावित विलय की अटकलों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस अब कमजोर हो चुकी पार्टी है और इससे किसी को कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा।
भाजपा नेता आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को प्राथमिकता देने के कारण पार्टी को नुकसान पहुंचा रही हैं। दूसरी तरफ, बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने दावा किया कि टीएमसी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और पार्टी टूट की स्थिति की ओर बढ़ रही है।
इन बयानों के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गई है।
