टीएमसी में कलह पर मुख्तार अब्बास नकवी का हमला, बोले- ‘घर को आग लगी है घर के चिराग से’

भाजपा नेता ने टीएमसी के भीतर बढ़ते विवाद को बताया पार्टी की आंतरिक विफलता

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में चल रही कथित अंदरूनी कलह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी अपने ही बनाए राजनीतिक संकट में फंस गई है और पार्टी के भीतर उभर रहे विरोधाभास अब खुलकर सामने आ रहे हैं।

टीएमसी सांसदों के पार्टी छोड़ने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए नकवी ने कहा कि जब किसी पार्टी में परिवारवाद और सत्ता संघर्ष हावी हो जाता है, तो ऐसे हालात पैदा होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि “घर को आग लगी है, घर के चिराग से” और टीएमसी आज अपने ही अहंकार तथा अराजक राजनीति का परिणाम भुगत रही है।

‘एंट्री गेट पर सन्नाटा, एग्जिट गेट पर भगदड़’

नकवी ने कहा कि टीएमसी नेतृत्व को पहले अपने घर की स्थिति संभालनी चाहिए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी के “एंट्री गेट पर सन्नाटा और एग्जिट गेट पर भगदड़” मची हुई है। उनके मुताबिक, पार्टी के भीतर का असंतोष अति-आत्मविश्वास और आंतरिक विरोधाभासों का परिणाम है।

उन्होंने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि सांसद यूसुफ पठान को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का फोन आया था। नकवी ने कहा कि केवल आरोप लगाने और शोर मचाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

मोदी सरकार के 12 साल को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर नकवी ने इसे भारतीय लोकतंत्र की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह पहली गैर-कांग्रेसी सरकार है जिसने बिना कांग्रेस के समर्थन या किसी “रिमोट कंट्रोल” के लगातार सफलतापूर्वक शासन किया है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने उस धारणा को तोड़ा है कि कांग्रेस के बिना देश में स्थिर सरकार नहीं चल सकती। उनके अनुसार, सुशासन और विकास के एजेंडे के साथ केंद्र सरकार लगातार आगे बढ़ रही है।

विपक्षी एकता पर भी साधा निशाना

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा कांग्रेस को दी गई सलाह के सवाल पर नकवी ने विपक्षी गठबंधन की संभावनाओं पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का साझा मंच बनने से पहले ही बिखरता दिखाई दे रहा है।

नकवी ने कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं की अपनी-अपनी महत्वाकांक्षाएं हैं और हर कोई खुद को सत्ता के शीर्ष पर देखना चाहता है। ऐसे में विपक्षी एकता केवल बयानबाजी तक सीमित नजर आती है।

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