- रिपोर्ट: इंतज़ार हुसैन
बदायूं: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिशा शक्ति संगठन द्वारा अमीबा सिटी मॉल में “धरती की पुकार – बदलते पर्यावरण पर गंभीर विचार” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण, वृक्षारोपण तथा घरेलू स्तर पर किए जा सकने वाले सकारात्मक प्रयासों पर अपने विचार साझा किए।
गोष्ठी का शुभारंभ प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ। दीप्ति दीपांक ने कहा कि आज बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, जल संकट और प्रदूषण जैसी समस्याएं मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। इन चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और व्यक्तिगत जिम्मेदारी से ही संभव है।
गायत्री प्रियदर्शिनी ने पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर बल दिया। दीप्ति गुप्ता ने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।
मुस्कान ने युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। प्रिया रस्तोगी ने घरों में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता पर विचार रखे। शुभ्रा माहेश्वरी ने पर्यावरण और स्वास्थ्य के गहरे संबंध को रेखांकित किया। रीता गुप्ता ने ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया। पूनम रस्तोगी ने बच्चों में पर्यावरणीय संस्कार विकसित करने की आवश्यकता बताई। माला रस्तोगी ने प्लास्टिक के स्थान पर वैकल्पिक वस्तुओं के उपयोग का सुझाव दिया। सीमा यादव ने वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। मुस्कान ने प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने की बात कही।
डॉ. निशि अवस्थी ने सभी को स्वच्छ एवं हरित भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का संदेश दिया। दीप्ति दीपांक रस्तोगी तथा शुभ्रा माहेश्वरी ने संयुक्त रूप से गोष्ठी का संचालन किया। आयोजन में श्रीमती कंचन गुप्ता , रोजी रस्तोगी, वर्षा वैश्य, नेहा गुप्ता, वैशाली गुप्ता, नंदिनी गुप्ता, प्रियंका रस्तोगी, गीता गुप्ता, रुचि गुप्ता,सपना गुप्ता, रानी रस्तोगी, नैना गुप्ता,एवं पूजा आदि सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने पर्यावरण संरक्षण को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
