US-Iran tensions: अमेरिका-ईरान तनाव पर बोले ईरानी राजदूत, कहा- युद्ध नहीं, कूटनीति और संवाद में विश्वास रखता है ईरान
संघर्षविराम उल्लंघन का लगाया आरोप, सुरक्षा और संप्रभुता को बताया ‘रेड लाइन’
US-Iran tensions। भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहली ने अमेरिका-ईरान संबंधों, क्षेत्रीय तनाव और संघर्षविराम के मुद्दे पर ईरान का पक्ष रखते हुए कहा कि उनका देश हमेशा शांति, संवाद और कूटनीति का समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और राजनीतिक माध्यमों से निकालने में विश्वास रखता है।
डॉ. फतहली ने कहा कि ईरान युद्ध और शांति दोनों परिस्थितियों के लिए तैयार है, लेकिन उसकी प्राथमिकता हमेशा कूटनीतिक समाधान रही है। उन्होंने दावा किया कि हाल के दिनों में घोषित संघर्षविराम का कई बार उल्लंघन किया गया, जिसके जवाब में ईरान ने आत्मरक्षा के अधिकार का उपयोग किया।
‘देश की सुरक्षा और संप्रभुता हमारी रेड लाइन’
ईरानी राजदूत ने कहा कि उनका देश संघर्षविराम के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी हमले या आक्रामकता का जवाब उसी स्तर पर और आवश्यकता पड़ने पर उससे अधिक कड़े तरीके से दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कूटनीति के लिए अभी भी अवसर मौजूद हैं और यदि सभी पक्ष अपनी जिम्मेदारियों का पालन करें तो समझौते की संभावनाएं बनी हुई हैं।
अमेरिका की आंतरिक राजनीति पर टिप्पणी से किया इनकार
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अधिकारों को सीमित करने वाले प्रस्ताव पर पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. फतहली ने कहा कि अमेरिका की आंतरिक राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि तनाव कम करने और युद्ध की आशंकाओं को घटाने वाले हर कदम का स्वागत किया जाना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि विवादों का समाधान बल प्रयोग या धमकियों से नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, संवाद और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के पालन से संभव है।
कुवैत एयरपोर्ट हमले के आरोपों को बताया निराधार
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी राजदूत ने कहा कि उपलब्ध सैन्य आकलनों के अनुसार कुवैत एयरपोर्ट की ओर कोई ईरानी मिसाइल नहीं दागी गई थी। उन्होंने दावा किया कि एयरपोर्ट को हुआ नुकसान संभवतः डिफेंस सिस्टम की तकनीकी विफलता का परिणाम हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की नीति में विश्वास नहीं रखता और उसके खिलाफ लगाए जा रहे कई आरोप तथ्यों से मेल नहीं खाते।
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लेबनान और गाजा में इजरायली कार्रवाई पर जताई चिंता
डॉ. फतहली ने लेबनान और गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए तथा नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
दुनिया को ईरान का संदेश- शांति और सम्मान से ही बनेगा सुरक्षित भविष्य
ईरानी राजदूत ने कहा कि सात हजार वर्ष पुरानी सभ्यता वाला ईरान हमेशा शांति, सहयोग और सह-अस्तित्व का समर्थक रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से देशों के अधिकारों का सम्मान करने, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने और समानता के आधार पर संवाद को बढ़ावा देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में स्थायी शांति और सुरक्षित भविष्य का निर्माण केवल कूटनीति, आपसी समझ और सहयोग के माध्यम से ही संभव है।
