गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र स्थित निवोक अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और मरीज की मेडिकल रिपोर्ट समय पर उपलब्ध न कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवार ने थाना निवाड़ी में लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम याकुतपुर मवी निवासी अनुभव शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके भाई की तबीयत बिगड़ने पर उसे निवोक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में मरीज को पहले आईसीयू में रखा गया और बाद में ईआरसीटी जैसी प्रक्रिया की गई। परिजनों का कहना है कि इलाज के बावजूद मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद उसे दूसरे अस्पताल रेफर करना पड़ा।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने इलाज से जुड़ी जरूरी मेडिकल रिपोर्ट और दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराए। जब मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाया गया तो वहां के डॉक्टरों ने कई महत्वपूर्ण रिपोर्ट मांगीं, लेकिन निवोक अस्पताल की ओर से रिपोर्ट देने में लगातार टालमटोल की गई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि अस्पताल में भर्ती के दौरान परिजनों से लगातार नकद जमा कराने का दबाव बनाया जाता रहा। परिवार का दावा है कि इलाज के नाम पर भारी रकम खर्च कराने के बावजूद उन्हें मरीज की स्थिति और इलाज से संबंधित संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई।
परिजनों के अनुसार मामला इतना बढ़ गया कि रिपोर्ट और रिकॉर्ड लेने के लिए पुलिस को भी अस्पताल बुलाना पड़ा। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि अस्पताल की शुरुआत के समय क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सस्ते इलाज का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन इस घटना के बाद लोगों का विश्वास अस्पताल से उठ सकता है।
वहीं थाना निवाड़ी पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
