उत्तरापथ अमृत वन वाटिका’: जल संरक्षण और सौंदर्य का संगम बना नया ग्रामीण आकर्षण

  • रिपोर्ट- पंकज झां

वाराणसी। चंदौली जनपद के सदर विकास खंड अंतर्गत ग्राम बरठा में एक पुराने प्राकृतिक तालाब को पुनर्जीवित कर आधुनिक “उत्तरापथ अमृत वन वाटिका” के रूप में विकसित किया गया, जिसका भव्य लोकार्पण मा० राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड एवं राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। लोकार्पण समारोह में मंत्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को स्वच्छ व सुंदर मनोरंजन स्थल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस तालाब का पुनरुद्धार कर इसे सरोवर एवं आधुनिक गार्डन के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पहल अमृत सरोवर मिशन के तहत की गई है, जो भूजल स्तर बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
नवनिर्मित सरोवर के चारों ओर वॉकिंग ट्रैक, बैठने के लिए बेंच, हरियाली से युक्त गार्डन, शुलभ शौचालय तथा हाईटेक टिन शेड जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट स्थित होने के कारण यह स्थान अब दिल्ली, बंगाल और बिहार की ओर आने-जाने वाले पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षक पड़ाव बनने की संभावना रखता है। राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने इस पहल को जल संरक्षण, हरित वातावरण और प्राकृतिक संतुलन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि ग्रामीण विकास को भी नई दिशा देती हैं। यह उत्तरापथ अमृत वन वाटिका न केवल क्षेत्र की सुंदरता में वृद्धि करेगी, बल्कि वर्षा जल संचयन के माध्यम से भूजल स्तर सुधारने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। साथ ही यह परियोजना स्वच्छता, सतत विकास और सामूहिक पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रतीक बनकर उभरी है।
कार्यक्रम के अंत में सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

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