- रिपोर्ट: प्राची सिंह
अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेराफेरी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पत्र याचिका भेजी गई है। सुप्रीम Court में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता अनूप अवस्थी ने मुख्य न्यायाधीश से स्वतः संज्ञान लेकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
पत्र याचिका में मांग की गई है कि मंदिर में मिले दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए। साथ ही श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
आरोपों के बाद तेज हुई जांच, दो आरोपी गिरफ्तार
अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी का मामला राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना हुआ है। अखिलेश यादव द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया। अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उनके पास से लाखों रुपये बरामद होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच तेजी से कर रही है।
विनय कटियार ने जताई चिंता, सख्त कार्रवाई की मांग
इस विवाद पर वरिष्ठ भाजपा नेता और राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे विनय कटियार ने भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि ट्रस्ट से जुड़े लोग किसी गड़बड़ी में शामिल पाए जाते हैं तो इससे मंदिर परियोजना की मूल भावना प्रभावित होगी।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की।
पीएम के हस्तक्षेप और एसआईटी गठन का दावा
विनय कटियार ने दावा किया कि प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है और अब सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मंदिर का चढ़ावा किसी निजी स्थान पर ले जाया गया है, तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
नोट: मामले से जुड़े कई दावे अभी जांच के दायरे में हैं। जांच एजेंसियों या संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक रिपोर्ट आने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
