महिलाओं की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही कांग्रेस, सपा, विपक्ष : गुलाब देवी
महिलाओं के मुद्दों पर सपा-कांग्रेस की सोच उजागर :- गुलाब देवीमहिलाओं को बराबरी से रोकना चाहती हैं, सपा-कांग्रेस :- गुलाब देवी
बदायूँ :- बदायूँ स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में महिला जन आक्रोश अभियान के अंतर्गत आयोजित प्रेस वार्ता को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)/जनपद प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने संबोधित किया।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)/जनपद प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने कहा आज का यह विषय केवल एक राजनीतिक चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि देश की आधी आबादी, हमारी माताओं, बहनों और बेटियों के सम्मान, अधिकार और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है। पिछले कुछ समय में देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को लेकर जो घटनाक्रम सामने आए हैं, उन्होंने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आगे कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण निर्णय लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का है। यह केवल एक विधायी प्रावधान नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबरी का अधिकार देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
आगे कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब देश में इस तरह का ऐतिहासिक अवसर आया, तब कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने इस विषय पर सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय विरोध और भ्रम फैलाने का काम किया। संसद में इनके रवैये ने यह स्पष्ट कर दिया कि ये दल महिलाओं को वास्तविक रूप से सशक्त होते हुए नहीं देखना चाहते। उन्होंने आगे कहा कुछ विपक्षी दलों द्वारा तकनीकी कारणों, परिसीमन और अन्य बहानों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण निर्णय को टालने की कोशिश की गई। समाजवादी पार्टी द्वारा धर्म आधारित आरक्षण की मांग उठाना इसी सोच का हिस्सा है, जो न केवल संविधान की मूल भावना के विपरीत है, बल्कि समाज को विभाजित करने का प्रयास भी है।
उन्होंने आगे कहा हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि महिला जन आक्रोश अभियान किसी एक घटना की प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह उन सभी परिस्थितियों के खिलाफ एक व्यापक जनजागरण है, जहां महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की गई है। इस अभियान के माध्यम से प्रदेशभर में महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझें और उनके लिए संगठित होकर आवाज उठा सकें। आज देश में महिलाओं की स्थिति में जो सकारात्मक परिवर्तन आया है, वह केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं का परिणाम है। उज्ज्वला योजना के माध्यम से रसोई को धुएं से मुक्ति मिली, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान ने समाज में बेटियों के प्रति सोच को बदला, मिशन शक्ति और अन्य सुरक्षा संबंधी पहल ने महिलाओं में विश्वास बढ़ाया है। आगे कहा यह भी ध्यान देने योग्य है, कि आज महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि वे देश के विकास की सक्रिय भागीदार बन रही हैं। स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप, शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में उनकी बढ़ती भागीदारी इसका प्रमाण है। उन्होंने आगे कहा भारतीय जनता पार्टी का यह स्पष्ट मानना है, कि जब तक महिलाओं को समान अवसर और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है। यही कारण है कि हमारी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को अपनी नीतियों के केंद्र में रखकर कार्य कर रही है।
अंत में, मैं विशेष रूप से यह कहना चाहती हूं, कि समाजवादी पार्टी द्वारा बार-बार महिलाओं के मुद्दों को भटकाने और धर्म आधारित आरक्षण जैसे असंवैधानिक विषय उठाने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह से अनुचित है। यह न केवल महिलाओं के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश है, बल्कि समाज में भ्रम और विभाजन पैदा करने का भी प्रयास है। देश की महिलाएं आज जागरूक हैं और ऐसे भ्रामक प्रयासों को भली-भांति समझती हैं। आने वाले समय में वे अपने मत के माध्यम से इसका सशक्त जवाब देंगी।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा अमिता उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष सीमा राठौर, जिला कोषाध्यक्ष अनुभव उपाध्याय तथा मीडिया के बंधु उपस्थित रहे।
