गुरुग्राम सोसाइटी विवाद: एक नाम से दो फ्लैट मामले में गुरुग्राम सहकारी समिति के डी आर और एआर पर पक्षपात और दबाव के आरोप! आरसीएस सुभीता ढाका को शिकायत

गुस्ताखी माफ, हरियाणा — पवन कुमार बंसल

गुरुग्राम स्थित कर्मयोगी सहकारी आवासीय सोसाइटी के मामले में गुरुग्राम के डिप्टी रजिस्ट्रार यशपाल दहिया और असिस्टेंट रजिस्ट्रार त्रिलोचन सिंह सवालों के घेरे में आ गए हैं। सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, सुभीता ढाका से मुलाकात कर एक शिकायत पत्र सौंपा है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोसाइटी की एक महिला सदस्य ने एक ही नाम से दो फ्लैट लेकर नियमों का उल्लंघन किया है, लेकिन संबंधित अधिकारी इस मामले में रजिस्ट्रार के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। मैडम ढाका ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पूरी घटना किसी मुंबईया फिल्म की कहानी से कम नहीं लगती।
शिकायत के अनुसार, जब सोसाइटी की मैनेजमेंट कमेटी ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की, तो डिप्टी रजिस्ट्रार यशपाल दहिया ने उन्हें नोटिस भेजकर पूछा कि महिला की मेंबरशिप ट्रांसफर क्यों नहीं की जा रही। यह भी आरोप है कि नोटिस में काट-छांट की गई। जब मैनेजमेंट कमेटी ने बताया कि वे रजिस्ट्रार के आदेशों के अनुसार कार्य कर रहे हैं, तो दहिया ने कथित तौर पर दबाव बनाते हुए कहा कि महिला ने गलती से दो फ्लैट ले लिए हैं, इसलिए पहले एक और फिर दूसरा ट्रांसफर कर दिया जाए।
जब दहिया से यह निर्देश लिखित रूप में मांगा गया, तो शिकायत के मुताबिक उन्होंने कहा कि “नियम तो बदलते रहते हैं।” इसके बाद एक और नोटिस जारी किया गया, जिसमें सोसाइटी पर सही तरीके से काम न करने का आरोप लगाया गया। जबकि शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वास्तविकता इसके विपरीत है और दहिया नियमों की अनदेखी कर दबाव बनाकर मेंबरशिप ट्रांसफर करवाना चाहते हैं।
मामले में यह भी आरोप है कि उक्त महिला के बेटे, जो सोसाइटी का सदस्य नहीं है, ने असिस्टेंट रजिस्ट्रार को मैनेजमेंट के खिलाफ एक लाख रुपये रिश्वत मांगने की झूठी शिकायत दी। जब उससे सबूत मांगा गया, तो असिस्टेंट रजिस्ट्रार ने कथित रूप से मेंबरशिप ट्रांसफर करने को कहा।
शिकायत में स्पष्ट कहा गया है कि एक ही नाम पर दो फ्लैट लेकर नियमों का उल्लंघन किया गया है, फिर भी संबंधित अधिकारी महिला का पक्ष लेते नजर आ रहे हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा है कि अधिकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ‘भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस’ नीति का मजाक उड़ा रहे हैं।

 

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