पुरानी परंपरा को जिंदा रखने के लिए दूल्हा पालकी से पहुंचा बारात लेकर, गांव-गांव चर्चा का विषय बनी शादी
- रिपोर्ट: वीरेंद्र कुमार
विंढमगंज(सोनभद्र)। आधुनिक दौर में जहां शादियों में लग्जरी गाड़ियों और भव्य इंतजामों का चलन बढ़ गया है, वहीं थाना क्षेत्र के हरपुरा गांव में एक अनोखी बारात ने सबका ध्यान खींच लिया। गांव निवासी मुन्द्रिका गुप्ता के पुत्र मनोज गुप्ता ने पुरानी परंपरा को जीवित रखने के लिए सजाई गई पालकी से बारात निकाली और झारखंड के टड़हे गांव पहुंचकर तारामणी के साथ विवाह रचाया। पालकी में निकली बारात को देखने के लिए रास्ते भर लोग रुकते नजर आए।
शादी के बाद जब दूल्हा अपनी दुल्हन को पालकी में बैठाकर हरपुरा गांव लौटा तो पूरे क्षेत्र में यह दृश्य चर्चा का विषय बन गया। गांव और चौराहों पर लोग घरों से बाहर निकल आए और मोबाइल कैमरों में इस खास पल को कैद करते दिखे। कई वर्षों बाद पालकी में बैठी दुल्हन का नजारा देखकर बुजुर्गों को पुराने दिन याद आ गए, जबकि युवाओं ने इसे परंपरा और आधुनिकता के अनोखे संगम के रूप में देखा।
