West Bengal Election Sensitive Seats: बंगाल में 8500 बूथ संवेदनशील, निष्पक्ष मतदान के लिए सख्त तैयारी
पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाली वोटिंग को लेकर चुनाव आयोग ने कड़ी तैयारियां शुरू कर दी हैं। निष्पक्ष और हिंसामुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य के करीब 8500 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भबानीपुर सीट सहित कुल 55 विधानसभा सीटों को भी संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
इन संवेदनशील क्षेत्रों में चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए 100 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्रीय पुलिस बलों को भी तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
कैसे तय होते हैं संवेदनशील बूथ?
पहले संवेदनशील बूथों की पहचान का जिम्मा मुख्य रूप से पुलिस के पास होता था। पुलिस पुराने रिकॉर्ड और कानून-व्यवस्था के आधार पर बूथों को हाइपर-सेंसिटिव, सेंसिटिव और नॉर्मल श्रेणियों में बांटती थी।
लेकिन अब चुनाव आयोग ने इसमें बदलाव करते हुए नया तरीका अपनाया है। अब केवल पुलिस रिपोर्ट ही नहीं, बल्कि वोटिंग पैटर्न, मतदाताओं की प्रोफाइल और पिछले चुनावों के आंकड़ों को भी आधार बनाया जाता है।
चुनाव आयोग की 5 प्रमुख गाइडलाइंस
रिपोर्ट्स के अनुसार, आयोग ने संवेदनशील बूथों की पहचान के लिए कुछ मानक तय किए हैं—
जहां बिना फोटो पहचान पत्र (EPIC) वाले मतदाताओं की संख्या अधिक हो
ऐसे मतदाता जिनका कोई पारिवारिक रिकॉर्ड नहीं मिलता
पिछले चुनाव का असामान्य वोटिंग प्रतिशत
फर्जी वोटिंग की आशंका वाले क्षेत्र
संदिग्ध मतदान पैटर्न वाले बूथ
75% वाला ‘क्रिटिकल’ फॉर्मूला
संवेदनशील बूथ पहचानने के लिए चुनाव आयोग का एक खास फॉर्मूला भी है। यदि किसी बूथ पर पिछले चुनाव में 75% से अधिक मतदान हुआ हो और उसमें से 75% वोट किसी एक ही उम्मीदवार या पार्टी को मिले हों, तो उस बूथ को तुरंत संवेदनशील घोषित कर दिया जाता है।
आयोग का मानना है कि ऐसे मामलों में दबाव या धांधली की संभावना अधिक होती है।
पुराने रिकॉर्ड भी अहम
किसी बूथ का इतिहास भी उसकी संवेदनशीलता तय करने में अहम भूमिका निभाता है। जिन बूथों पर पहले चुनावी हिंसा, बूथ कैप्चरिंग या गड़बड़ी की घटनाएं सामने आई हों, उन्हें संवेदनशील माना जाता है।
इसके अलावा, जिन जगहों पर पहले ‘री-पोल’ यानी दोबारा मतदान कराना पड़ा हो, उन्हें भी विशेष निगरानी में रखा जाता है।
snigdha srivastava
