रामपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुर के मनोविज्ञान विभाग के व्यवहार विज्ञान मंच के तत्वावधान में “Role of Emotion Dysregulation Among Youth” विषय पर एक प्रसार व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. आयुष कुमार ने युवाओं में बढ़ते भावनात्मक असंतुलन की समस्या पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भावनाओं को नियंत्रित न कर पाना मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार पर गहरा असर डालता है, जिससे एंजायटी, डिप्रेशन और बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भावनात्मक असंतुलन के कारण कई युवा नशीले पदार्थों की ओर आकर्षित हो जाते हैं, जो उनके भविष्य के लिए खतरनाक है। इस समस्या से निपटने के लिए कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी (CBT) और माइंडफुलनेस जैसी वैज्ञानिक तकनीकों के महत्व को भी विस्तार से समझाया गया।
व्याख्यान के बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया, जिससे कार्यक्रम ज्ञानवर्धक और सहभागितापूर्ण रहा।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुनीता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में भावनाओं पर संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि अनियंत्रित भावनाएं मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित करती हैं।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो. सबीहा परवीन ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. जया कुमारी, डॉ. योगेश चंद्र और डॉ. प्रतिभा यादव का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
