FASTag वार्षिक पास हुआ महंगा, 1 अप्रैल से देना होगा 3075 रुपये

नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए FASTag वार्षिक पास की दरों में बदलाव किया है। अब गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए इस पास की कीमत 3000 रुपये से बढ़ाकर 3075 रुपये कर दी गई है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी।

यह वार्षिक पास पिछले वर्ष 15 अगस्त को लोगों की सुविधा और राजमार्गों पर यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस सुविधा के जरिए वाहन चालकों को बार-बार टोल भुगतान या रिचार्ज करने की परेशानी से राहत मिलती है।

क्या हैं FASTag वार्षिक पास के नियम

FASTag वार्षिक पास उन वाहन मालिकों के लिए उपलब्ध है जिनके पास गैर-व्यावसायिक वाहन जैसे कार, जीप या वैन पंजीकृत हैं और जिनके वाहन में सक्रिय FASTag लगा हुआ है। यह पास एक वर्ष या अधिकतम 200 बार टोल प्लाजा पार करने तक मान्य रहता है।

इसे ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप या NHAI की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आसानी से खरीदा जा सकता है।

लाखों लोग उठा रहे हैं लाभ

NHAI के अनुसार यह सुविधा निजी वाहन मालिकों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुकी है। वर्तमान में 56 लाख से अधिक उपयोगकर्ता FASTag वार्षिक पास का लाभ उठा रहे हैं। इसका उपयोग देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर स्थित लगभग 1150 टोल प्लाजा पर किया जा सकता है।

क्या हैं इसके फायदे

FASTag वार्षिक पास लेने के बाद वाहन चालकों को बार-बार रिचार्ज नहीं करना पड़ता। एक बार शुल्क देने पर यह पास एक साल या अधिकतम 200 टोल क्रॉसिंग तक मान्य रहता है। भुगतान करने के बाद यह पास वाहन से जुड़े FASTag पर करीब दो घंटे के भीतर सक्रिय हो जाता है।

FASTag का बढ़ता इस्तेमाल

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाले कुल कार लेन-देन में करीब 28 प्रतिशत लेन-देन FASTag वार्षिक पास के जरिए हो रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक 2016 से अब तक 11.86 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 5.9 करोड़ FASTag सक्रिय हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर 98 प्रतिशत से अधिक टोल वसूली FASTag के माध्यम से की जा रही है।

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