गांव केलनिया में महिला थाना प्रभारी ने नुक्कड़ सभा कर महिलाओं को नशा और साइबर अपराध के प्रति किया जागरूक
ऐलनाबाद, सिरसा मार्च (एम पी भार्गव): जिला पुलिस द्वारा नशा मुक्त समाज के निर्माण और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में महिला थाना प्रभारी ने गांव केलनिया में पहुंचकर महिलाओं के साथ नुक्कड़ सभा आयोजित की और उन्हें नशे तथा साइबर क्राइम के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
महिला थाना प्रभारी ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जो न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि नशे के खिलाफ चल रहे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे जैसी बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए अभिभावकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। माता-पिता को अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए और यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आती है तो बच्चों से खुलकर बातचीत करनी चाहिए। उन्हें सही मार्गदर्शन देकर नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने के लिए लगातार प्रेरित करना चाहिए।
महिला पुलिस टीम ने इस दौरान उपस्थित महिलाओं से अपील की कि वे नशे के खिलाफ एकजुट होने का संकल्प लें तथा सिरसा को नशा मुक्त बनाने में पूर्ण सहयोग दें। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा और खेलों से जोड़कर उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
महिला थाना प्रभारी ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन के नेतृत्व में समय-समय पर सेमिनार, गोष्ठियों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में महिला शक्ति का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशा बेचता है या इस तरह की अवैध गतिविधियों में संलिप्त है तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
इस अवसर पर महिला पुलिस टीम ने साइबर अपराधों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक समय में इंटरनेट और डिजिटल तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों का जीवन आसान हुआ है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधों की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है।
पुलिस टीम ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्रों और महिलाओं को सलाह दी कि व्हाट्सएप या ई-मेल पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक को न खोलें और बैंक से संबंधित कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in
पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर साइबर हेल्प डेस्क से भी सहायता ली जा सकती है।
अंत में महिला पुलिस टीम ने सभी से अपील की कि जागरूक रहकर ही नशे और साइबर अपराधों जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है और एक सुरक्षित व स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है।
