भाजपा ने मनरेगा की आत्मा खत्म की, गरीबों के अधिकारों पर सीधा प्रहार: सैलजा

-गरीबों को न तो 100 दिन का रोजगार मिल रहा है, न समय पर मजदूरी का भुगतान हो रहा-भाजपा सरकार ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और गरीबों के अधिकारों की मूल भावना को ही कमजोर कर दिया

हरियाणा,16 जनवरी ( डॉ एम पी भार्गव ): सिरसा से कांग्रेस सांसद, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने मनरेगा जैसी ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी योजना को सुनियोजित ढंग से कमजोर किया है, जिसके चलते आज देशभर में गहरा जनआक्रोश देखने को मिल रहा है। वे आज अंबाला में पत्रकारों से बात कर रही थीं।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जमीनी सच्चाई यह है कि गरीबों को न तो 100 दिन का रोजगार मिल रहा है, न समय पर मजदूरी का भुगतान हो रहा है और न ही व्यवस्था में किसी प्रकार की जवाबदेही शेष बची है। मजदूरों को काम के लिए भटकना पड़ रहा है और भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक बदहाल हो गई है। कुमारी सैलजा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की आपत्ति केवल मनरेगा के नाम परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि असली और गंभीर मुद्दा यह है कि भाजपा सरकार ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और गरीबों के अधिकारों की मूल भावना को ही कमजोर कर दिया है। मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं थी, बल्कि यह गरीबों का कानूनी अधिकार था, जिसमें रोजगार की गारंटी के साथ-साथ बेरोजगारी भत्ता तक का प्रावधान किया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर इस कानून की आत्मा को समाप्त करना चाहती है, ताकि गरीब, मजदूर और ग्रामीण जनता अपने अधिकारों से वंचित रह जाए। मनरेगा के माध्यम से गांवों में सम्मानजनक रोजगार, पलायन पर रोक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती थी, लेकिन मौजूदा नीतियों के कारण यह पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी सोच के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रखेगी और गरीबों के संवैधानिक व कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए हर मंच पर मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।

चौधरी महेंद्र प्रताप पर ईडी की कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला

फरीदाबाद में कांग्रेस नेता चौधरी महेंद्र प्रताप के विरुद्ध प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को सांसद सैलजा ने भाजपा सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण बताया है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि विपक्ष की सशक्त आवाज़ को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का चयनात्मक इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। देश देख रहा है कि सत्ता के दबाव में संस्थाओं की निष्पक्षता को किस तरह कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि पार्टी न डरेगी, न झुकेगी और संविधान व लोकतंत्र की रक्षा का संघर्ष पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा।

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