बदायूँ। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 2 जनवरी 2026 को शासन द्वारा जनपद बदायूँ को एक हैंडहेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई गई है। यह मशीन जिला क्षय रोग केंद्र बदायूँ को प्राप्त हुई है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के उन मरीजों का भी एक्स-रे किया जा सकेगा जो अस्पताल आने में असमर्थ हैं। इसके साथ ही जिला जेल में निरुद्ध बंदियों का भी एक्स-रे अब वहीं किया जाएगा।
इस पोर्टेबल एक्स-रे मशीन की मदद से टीबी रोग की पहचान पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी। दूर-दराज क्षेत्रों के मरीजों एवं जेल में बंद बंदियों को समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
मशीन का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी बदायूँ डॉ. रामेश्वर मिश्रा एवं जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। इसके तहत जिला जेल में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के लिए 2 जनवरी से 8 जनवरी तक का रोस्टर बनाया गया है। शिविर के दौरान सभी बंदियों का एक्स-रे किया जाएगा तथा टीबी के संभावित लक्षण वाले मरीजों की बलगम जांच सीबी-नैट मशीन से की जाएगी।
जांच में जिन बंदियों में टीबी की पुष्टि होगी, उनका इलाज जेल के भीतर ही तुरंत शुरू किया जाएगा। साथ ही उनके आधार कार्ड एवं बैंक खाते का विवरण निश्चय पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा, ताकि टीबी मरीजों को मिलने वाली ₹1000 प्रतिमाह की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में भेजी जा सके।
पहले दिन जिला जेल में 20 मरीजों की जांच एवं एक्स-रे किए गए। इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विनेश कुमार, जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार, जेलर रनंजय सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक कमलेश शर्मा, एक्स-रे टेक्नीशियन श्रीमती संध्या दिवाकर, लैब टेक्नीशियन श्रीमती ज्योति, टीबी हेल्थ विजिटर अनुज कुमार तथा जेल फार्मासिस्ट गोपाल सिंह सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।
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