एनटीपीसी ने 50 वर्षों की विकास यात्रा को उत्कृष्टता से किया पूरा
एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र-1 मुख्यालय ने स्वर्ण जयंती समारोह में सेवानिवृत्त अधिकारियों को किया सम्मानित
- रिपोर्ट: प्रेम सिन्हा
विशेष संवाददाता, पटना।देश की अग्रणी ऊर्जा कंपनी एनटीपीसी ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर उत्कर्ष और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा में असाधारण योगदान की नई मिसाल कायम की है। स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र-1 मुख्यालय द्वारा पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में भव्य सम्मान सह सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले सेवानिवृत्त अधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में बिहार के ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए एनटीपीसी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी ने न केवल पेशेवर उत्कृष्टता स्थापित की है, बल्कि अपने कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण से देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ाया है।
सीएमडी-एनटीपीसी की दृष्टि के अनुरूप आयोजित इस समारोह में 50 से अधिक सेवानिवृत्त अधिकारी अपने परिजनों के साथ शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि संगठन की सफलता में पूर्व अधिकारियों का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा और एनटीपीसी उनकी सेवाओं के प्रति कृतज्ञ है।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र-1 के कार्यकारी निदेशक विजय गोयल ने स्वागत भाषण में स्वर्णिम 50 वर्ष की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सेवानिवृत्त अधिकारियों का अभिनंदन किया।
सांस्कृतिक संध्या में बिहार के ख्याति प्राप्त लोक कलाकारों और संगीतकारों ने शास्त्रीय एवं क्षेत्रीय कला की मनोहारी प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा सभागार उत्सवमय माहौल में डूब गया।
कार्यक्रम के समापन पर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) विल्सन अब्राहम ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर बिहार इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन के सदस्य अनिल कुमार सिन्हा, बिहार वित्त विभाग के संयुक्त सचिव संजय मित्तल, एनटीपीसी सुजाता लेडीज क्लब की अध्यक्षा संगीता गोयल, पूर्वी क्षेत्र-1 से जुड़े सभी परियोजना प्रमुख एवं महाप्रबंधक सपरिवार उपस्थित रहे।
एनटीपीसी की इस स्वर्णिम यात्रा में उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की प्रतिबद्धता लगातार आगे बढ़ती रहे — यही संकल्प कार्यक्रम में प्रतिध्वनित होता रहा।
