- रिपोर्ट: शिवेंदु शुभम
सोनभद्र। थाना रायपुर और थाना मांची पुलिस की संयुक्त टीम ने गोवंश तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया। बीती रात साढ़े बारह बजे, संयुक्त टीम खलियारी–दरमा मार्ग पर गश्त और चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास कर रही थी।
पुलिस को देखते ही वाहन सवार तेज़ी से भागने लगे, लेकिन कच्चे रास्ते के कारण वाहन वहीं फँस गया। दोनों आरोपी जंगल की ओर भाग खड़े हुए। घेराबंदी के दौरान एक अभियुक्त ने पुलिस पर जानलेवा फायर किया, जिसमें गोली प्रभारी निरीक्षक के सिर के ऊपर से गुजर गई।
पुलिस की आत्मरक्षा और नियंत्रण कार्रवाई में जियाउल उर्फ जियाउद्दीन के पैर में गोली लगी। उसे तत्काल उपचार के लिए CHC वैनी भेजा गया। दूसरा अभियुक्त, रिशु यादव उर्फ विकास यादव, मौके पर ही आत्मसमर्पण कर गिरफ्तार हुआ।
मौके पर फॉरेंसिक टीम ने आवश्यक साक्ष्य संकलित किए। दोनों के विरुद्ध थाना रायपुर में गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू की गई।
पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे पिकअप वाहन में 07 गोवंश लादकर बिहार ले जा रहे थे। पुलिस के आने पर घबराहट में वाहन मिट्टी में फँस गया और दोनों जंगल की ओर भागे। जियाउल ने बताया कि साथी रिशु यादव के उकसाने पर उसने पुलिस को रोकने और स्वयं को बचाने के उद्देश्य से फायर किया।
इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि गोवंश उन्हें प्रमोद, शिवमंगल यादव और विनोद व गोरख द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। ये पशु भगवान यादव पुत्र रामदुलार यादव (निवासी निरंजनपुर, थाना चैनपुर, जनपद कैमूर-भभुआ) और विकास यादव पुत्र बुट्टन यादव (ग्रामीण झरिया, थाना चैनपुर, जनपद कैमूर-भभुआ) के निर्देश पर बिहार ले जा रहे थे, जहाँ से इन्हें आगे पश्चिम बंगाल भेजा जाता था। प्राप्त धनराशि सभी में बराबर बांट दी जाती थी।
पुलिस ने बताया कि दोनों अभियुक्तों से गोवंश तस्करी के पूरे नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए पूछताछ जारी है।
