लखनऊ! कोतवाली पारा में गोलियों की बौछार कर दहशत फैलाने वाले मुख्य आरोपी ज्ञान सिंह के शार्प शूटर्स का ‘सुरक्षित अड्डा’ बना काकोरी सर्किल!

लखनऊ। कोतवाली पारा थाना क्षेत्र में गोलियों की ताबड़-तोड़ बौछार कर दहशत फैलाने वाले कुख्यात गैंगस्टर ज्ञान सिंह और उसके शार्प शूटर्स अब भी पुलिस की पकड़ से कोसों दूर हैं। घटना को पूरे 27 दिन बीत चुके हैं, लेकिन लखनऊ कमिश्नरेट की हाईटेक पुलिस अभी तक इन खतरनाक अपराधियों का सुराग तक नहीं लगा पाई है।
चौंकाने वाली बात यह है कि काकोरी सर्किल इन अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बन चुका है, जहां इनके बेखौफ़ घूमने की चर्चा जोर पकड़ रही है।

◼ आधी रात को 3 JCB, कई डंपर और शार्प शूटरों के साथ पहुंचा था ज्ञान सिंह
सूत्रों के अनुसार, घटना की रात कुख्यात अपराधी ज्ञान सिंह अपने दर्जनों आपराधिक इतिहास वाले साथियों और शार्प शूटर्स के साथ आधी रात 3 JCB और कई डंपरों के साथ जमीन कब्जा करने पहुंचा था।
कब्जा करते समय गैंग ने ताबड़-तोड़ गोलियां चलाकर इलाके में दहशत मचा दी, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गईं और सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल भी हुए।

◼ 27 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली – हाईटेक जांच पर उठ रहे सवाल
घटना के बाद लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने दावा किया था कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
लेकिन 27 दिन बीतने के बाद भी—

न ज्ञान सिंह पकड़ा गया

न उसके शार्प शूटर

न ही कोई बड़ा सुराग मिला

यह स्थिति पुलिस की कार्यशैली और दावों पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

◼ क्या काकोरी सर्किल में मिल रहा है संरक्षण?
स्थानीय लोगों का कहना है कि काकोरी सर्किल के इलाके में इन अपराधियों को कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों और थानों का संरक्षण मिल रहा है, जिस कारण वे खुलेआम घूम रहे हैं।
अपराधियों की बेखौफ़ मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि या तो पुलिस को सही इनपुट नहीं मिल रहा,
या फिर कहीं न कहीं सिस्टम में बड़ा सेंध है।

◼ डीसीपी पश्चिम की टीम आखिर ढूंढ क्या रही है?
घटना के बाद डीसीपी पश्चिम ने एक विशेष टीम गठित की थी, पर—

इन्वेस्टिगेशन की रफ्तार बेहद धीमी दिखाई दे रही है

अपराधी काकोरी सर्किल में खुलेआम घूमने की खबरें सामने आ रही हैं

ऐसा लग रहा है मानो पुलिस किसी बड़ी वारदात होने का इंतजार कर रही हो

 

◼ जनता में बढ़ी नाराज़गी व असुरक्षा
घटना के 27 दिन बाद भी अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे आम जनता में—

दहशत

नाराज़गी

और पुलिस की कार्यप्रणाली पर अविश्वास बढ़ता जा रहा है

लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर वायरल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी अपराधी नहीं पकड़े जा रहे, तो हाईटेक पुलिसिंग का क्या फायदा?

कुल मिलाकर, पारा गोलीकांड ने न सिर्फ स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि काकोरी सर्किल में अपराधियों के बढ़ते दबदबे ने कानून-व्यवस्था की पोल भी खोल दी है।
अब देखना यह है कि लखनऊ पुलिस कब तक इन खतरनाक अपराधियों को पकड़कर जनता का भरोसा वापस जीत पाती है।

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