रामपुर।गाइडेंस इंटरनेशनल स्कूल में एनसीएफ–फाउंडेशनल स्टेज पर आधारित एक प्रतिष्ठित क्षमता निर्माण कार्यक्रम (सीबीपी) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रख्यात शिक्षा-विज्ञानी डॉ. हेमंत कुमार झा एवं डॉ. रीना दुबे द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने विशेषज्ञ मार्गदर्शन से शिक्षकों को नवाचारपूर्ण शिक्षण दृष्टि, कौशल और ज्ञान से समृद्ध किया।
कार्यक्रम ऊर्जा, संवाद और व्यावहारिक गतिविधियों से भरपूर रहा। प्रतिभागी शिक्षकों ने बाल-केंद्रित, अनुभवात्मक तथा व्यावहारिक अधिगम गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया, जो राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के मूल उद्देश्यों को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती हैं।
सत्र के दौरान
डॉ. रीना दुबे ने थीम-बोर्ड निर्माण पर अत्यंत प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने कक्षा-कक्ष की उपयोगिता, सृजनात्मकता और प्रस्तुति कौशल का उत्कृष्ट समन्वय दिखाया।
वहीं डॉ. हेमंत कुमार झा ने अपनी प्रेरक शैली में शिक्षण पद्धतियों में हो रहे परिवर्तन को रेखांकित किया। अपने प्रसिद्ध सूत्र— “मंच पर ऋषि से लेकर बगल में मार्गदर्शक तक”—के माध्यम से उन्होंने शिक्षक की नई भूमिका को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि आज का शिक्षक केवल जानकारी देने वाला नहीं, बल्कि ज्ञान का सह-निर्माता, मार्गदर्शक और प्रेरक है।
कार्यक्रम में रामपुर व आसपास के अनेक प्रतिष्ठित विद्यालयों—
दयावती मोदी अकादमी, द हेरिटेज अकादमी, ग्लोबल इंटरनेशनल स्कूल, व्हाइट हॉल, ग्रीनवुड सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेंट पॉल स्कूल, न्यू एज पब्लिक स्कूल, डिवाइन इंटरनेशनल स्कूल, सेंट मैरी मिल्खखानम, मिल्टन एजुकेशनल अकादमी, सेंट एंथोनी सहित अन्य संस्थानों—के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनकी सहभागिता ने इस कार्यशाला को सामूहिक शिक्षण–अधिगम उत्कृष्टता का सशक्त मंच बना दिया।
संवाद, प्रदर्शन और चिंतन से सम्पन्न यह सीबीपी, NCF–फाउंडेशनल स्टेज की दृष्टि को मज़बूती प्रदान करता है और प्रारम्भिक शिक्षा में आनंददायक, समग्र और सहभागितापूर्ण अधिगम की अनिवार्यता को पुनः स्थापित करता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य नोएल अंबाती ने सम्मानित संसाधन व्यक्तियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और सभी प्रतिभागी शिक्षकों को उनके उत्साह, समर्पण और शैक्षिक परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता के लिए सराहा।
मैं शाहबाज़ खान पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं और वर्तमान में खबरें जंक्शन चैनल में रामपुर ब्यूरो के रूप में कार्यरत हूं। पत्रकारिता के प्रति मेरी प्रतिबद्धता, निष्पक्षता और निर्भीक कार्यशैली ने मुझे इस क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई है।
मेरी प्रारंभिक शिक्षा सुगरा चिल्ड्रन एकेडमी (इंग्लिश मीडियम) में नर्सरी से कक्षा 5 तक हुई। इसके बाद कक्षा 6 से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा सुंदर लाल इंटर कॉलेज, रामपुर से प्राप्त की। वर्ष 2014 में हाईस्कूल तथा 2016 में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया। इसके उपरांत मैंने भौतिक विज्ञान (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry) एवं जीव विज्ञान (Biology) विषयों के साथ स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
मैं वर्ष 2013 से पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हूं। अपने करियर के दौरान समाचार प्लस, समाचार टुडे, इंडिया वॉइस जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनलों तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थान में भी कार्य कर चुका हूं। मुझे राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक, अपराध, विकास एवं जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है।
मैं हर प्रकार की खबर को तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष और जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत करता हूं। मेरी कोशिश हमेशा जनता की आवाज़ को प्रशासन और शासन तक पहुंचाने की रही है। इसी कार्यशैली के कारण मेरे संस्थान ने हमेशा मुझ पर विश्वास जताया है।
वर्ष 2013 से अब तक हुए सभी लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों की ग्राउंड कवरेज के दौरान उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए मुझे जिला प्रशासन द्वारा कई प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए हैं। जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के कारण मुझे कई बार कानूनी चुनौतियों और मुकदमों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन मैंने हमेशा निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन किया।
वर्तमान में वर्ष 2024 से ग्रामीण आंचलिक पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा हूं। पत्रकारिता के साथ-साथ समाज सेवा के क्षेत्र में भी मेरी सक्रिय भागीदारी रही है। पिछले 13 वर्षों में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) द्वारा मुझे उत्कृष्ट कार्यों के लिए अनेक सम्मान-पत्र, ट्रॉफी, मोमेंटो, मेडल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए हैं।
मेरा उद्देश्य सदैव निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग की आवाज़ को बुलंद करना तथा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा को बनाए रखना है।
