गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

  • रिपोर्ट: एमपी भार्गव

ऐलनाबाद ;हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
मुख्यमंत्री आज रोड़ी से शुरू हुई यात्रा के शुभारंभ अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। यह यात्रा श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने 1 नवंबर से इस ऐतिहासिक अवसर को राज्यभर में कार्यक्रमों के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम कुरुक्षेत्र में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से संत, विद्वान और श्रद्धालु शामिल होंगे। उन्होंने देश के विभिन्न प्रांतों से आए संतगण और विद्वानों का स्वागत व अभिनंदन किया।
उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाएं केवल इतिहास की किताब नहीं, बल्कि भविष्य का ब्लूप्रिंट हैं। उनकी प्रेरणा आज भी समाज में एकता, साहस और धर्म की भावना को प्रबल करती है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं—

1984 के दंगों में पीड़ित 121 परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया गया है।

हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन किया गया है।

यमुनानगर में बन रहे मेडिकल कॉलेज का नाम “हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी” के नाम पर रखा जाएगा।

लखनौर साहिब में माता गुजरी देवी के नाम से VLDA कॉलेज स्थापित किया जाएगा।

चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में श्री गुरु तेग बहादुर अनुसंधान पीठ की स्थापना की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी निर्णय गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं और उनके आदर्शों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

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