वॉशिंगटन। अमेरिका ने अपने नेक्स्ट जेनरेशन एयर डोमिनेंस (NGAD) प्रोग्राम के तहत छठी पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान F-47 Fighter Jet के निर्माण का काम शुरू कर दिया है। सितंबर 2025 में बोइंग ने सेंट लुइस स्थित मिसूरी फैसिलिटी में पहले F-47 एयरफ्रेम का निर्माण शुरू किया। यह विमान अमेरिकी वायुसेना के मौजूदा F-22 रैप्टर की जगह लेगा।
क्यों खास है F-47 Fighter Jet?
F-47 को मुख्य रूप से हवा में अमेरिकी वायुसेना की बढ़त बनाए रखने और चीन-रूस जैसे प्रतिद्वंद्वियों पर वर्चस्व स्थापित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके नाम के पीछे भी विशेष महत्व है—यह द्वितीय विश्व युद्ध के प्रसिद्ध P-47 थंडरबोल्ट, 1947 में अमेरिकी वायुसेना की स्थापना और अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति को सम्मानित करता है।
2027 में होगी पहली उड़ान
बोइंग को F-47 के विकास के लिए लगभग 20 बिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। अनुमान है कि यह फाइटर जेट 2027 में अपनी पहली उड़ान भरेगा और 2030 तक पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगा। अमेरिकी एयरफोर्स कम से कम 185 F-47 जेट खरीदने की योजना बना रही है।
F-47 की खूबियां
स्टील्थ एयर सुपीरियॉरिटी फाइटर
AI-संचालित सेंसर फ्यूजन से लैस
सिंगल सीट वाला फाइटर जेट
अनमैन्ड कोलैबोरेटिव कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (CCA) ड्रोन के साथ उड़ान भरने की क्षमता
एयर सुपीरियॉरिटी और स्ट्रैटेजिक बढ़त पर फोकस्ड
गोपनीय बना रखा है डिज़ाइन
F-47 के डिज़ाइन और तकनीकी फीचर्स को लेकर अभी भी गुप्तता बरती जा रही है। माना जा रहा है कि इसे डोनाल्ड ट्रम्प के मौजूदा कार्यकाल (जनवरी 2029 तक) समाप्त होने से पहले आसमान में उड़ाने की तैयारी की जाएगी।
