पैगंबर के जन्मदिन मौके जम्मू-कश्मीर से आए निसार और मुख्तार अहमद कर रहे हैं बाढ़ पीड़ितों की सेवा

अमृतसर। पंजाब में आई बाढ़ को लेकर जहां देश-विदेश से लोग मदद के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं जम्मू-कश्मीर से भी मुस्लिम भाईचारे के लोग अजनाला के बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री लेकर पहुंचे। इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए पैगंबर हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम के जन्मदिन के अवसर पर जम्मू-कश्मीर से आए निसार अहमद और मुख्तार अहमद ने बताया कि वे बटाला में मदरसा चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सेवा केवल धार्मिक अवसर के लिए नहीं, बल्कि इंसानियत के लिए है, क्योंकि मुसीबत के समय कोई एक धर्म नहीं बल्कि पूरी इंसानियत प्रभावित होती है।

निसार अहमद ने कहा कि पंजाब में बाढ़ से लोगों के घर तबाह हो गए हैं। इसी वजह से वे बटाला के मदरसे की सेवा के साथ-साथ आज अमृतसर क्षेत्र में पहुंचे हैं, जहां कई लोग प्रभावित हैं। यहां अन्य संस्थाएं भी लंगर लगा रही हैं और उन्होंने जम्मू-कश्मीर से आकर दूध व अन्य आवश्यक सामग्री का लंगर लगाया है। उनका मकसद दुखी और पीड़ित लोगों तक सहायता पहुंचाना है। उन्होंने अपील की कि जो भी लोग दूर-दराज़ से सेवा के लिए आ रहे हैं, उन्हें चाहिए कि सही तरीके से जांच कर राहत सामग्री सीधे पीड़ित परिवारों तक पहुंचाई जाए, ताकि यह गलत हाथों में न जाए।

इस मौके पर मुख्तार अहमद, जो पुंछ ज़िले जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं, ने बताया कि वे बाबा नगरी श्रीनगर के अपने पीर के हुक्म से बटाला में मदरसा चला रहे हैं, जहां बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है। उन्होंने कहा कि धर्मों में कोई भेदभाव नहीं है और सभी इंसान एक हैं। इसका उदाहरण उन्होंने मियां मीर जी द्वारा श्री हरमंदिर साहिब की नींव रखने की घटना से दिया। मुख्तार अहमद ने कहा कि आज वे दूध और अन्य राहत सामग्री लेकर प्रभावित लोगों तक पहुंचे हैं और इसे बांटा जा रहा है। उनका कहना था कि जात-पात से ऊपर उठकर इंसानियत की सेवा करनी चाहिए और संकट में फंसे लोगों की मदद करनी चाहिए।

दोनों ने कहा कि जब तक अल्लाह की मर्ज़ी रहेगी, यह सेवा और लंगर जारी रहेगा। उन्होंने दुआ की कि अल्लाह तआला पूरी इंसानियत पर अपनी रहमत बरसाए और सबको इस मुसीबत से निजात दिलाए।

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