बालासोर। ओडिशा के बालासोर जिले में शनिवार को सुबर्णरेखा नदी में अचानक आई बाढ़ से 50,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का कारण झारखंड में भारी बारिश के बाद चांडिल डैम से अचानक पानी छोड़ा जाना बताया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, भोगराई, बालीपाल, बस्ता ब्लॉकों के साथ-साथ जलेश्वर नोटिफाइड एरिया काउंसिल के कुछ हिस्सों के 17 ग्राम पंचायत क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मोर्चा संभाल लिया है।
जिला कलेक्टर सूर्यवंशी मयूर विकास ने संबंधित बीडीओ और तहसीलदारों को सतर्क रहने, जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने और बाढ़ प्रभावितों को सूखा राशन वितरित करने के निर्देश दिए हैं।
निचले इलाकों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को सतर्क रहने और स्थिति बिगड़ने पर निकटतम चक्रवात शरणालय में जाने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य सेवाएं और जरूरी आपूर्ति तैनात
मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी को पर्याप्त दवाओं का स्टॉक रखने और स्वास्थ्य सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। सिविल सप्लाई अधिकारी से खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
चांडिल डैम के सभी गेटों की निगरानी, जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी और सभी कर्मचारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी लगा दी गई है।
जलस्तर अभी भी खतरे के ऊपर
जिला आपातकालीन कार्यालय के अनुसार, राजघाट पर सुबर्णरेखा नदी का जलस्तर 11.9 मीटर है, जो खतरे के निशान 10.36 मीटर से ऊपर बना हुआ है। हालांकि, अधिकारी यह आशा जता रहे हैं कि झारखंड के अपस्ट्रीम क्षेत्रों में अधिक बारिश न होने से जलस्तर धीरे-धीरे घटेगा और मध्यम या बड़ी बाढ़ का फिलहाल कोई खतरा नहीं है।
प्रशासन ने आमजन को सतर्क करते हुए बाढ़ की स्थिति और एहतियाती उपायों की जानकारी भी दी है।
