ऐलनाबाद,सिरसा, 14जून (एम पी भार्गव): गर्मी के मौसम के मद्देनजर जिला में हैजा व पीलिया जैसी बीमारी की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। जिलाधीश शांतनु शर्मा ने आदेश जारी कर जिला में गले सड़े फल, सब्जियां, कटे हुए फल, तरबूज, कटी हुई सब्जियां और गैर-प्रमाणित पानी से बने एरेटेड या मिनरल वाटर की बिक्री या प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ-साथ पब्लिक एनालिस्ट हरियाणा चंडीगढ़, स्टेट बैक्टीरियोलॉजिस्ट करनाल, माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट मेडिकल कालेज रोहतक अथवा मैडिकल अफसर इंचार्ज वाटर लैब, जनरल अस्पताल सिरसा के बिना पास किए गए मिनरल वाटर, बर्फ के गोले, आइसक्रीम, कुल्फियों की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।
जिलाधीश द्वारा पारित आदेशों में यह भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का खुले में रखा जूस, केक, मिठाईयां, बिस्कुट और अन्य प्रकार की खाद्य सामग्री भी नहीं बेच सकता। आदेशों के अनुसार जिले में उक्त प्रकार की खाद्य सामग्री के निरीक्षण एवं जरूरत पड़ने पर उसे नष्ट करने के लिए जिले के सिविल सर्जन, सभी कार्यकारी मजिस्ट्रेट, डिप्टी सिविल सर्जन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारी, नगर परिषद/समिति के कार्यकारी अधिकारी/सचिव, सरकारी खाद्य निरीक्षक, और अन्य अधिकृत अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने उक्त अधिकारियों को पीलिया के किसी भी मामले की जांच के लिए कहीं भी किसी भी स्थान पर निरीक्षण के लिए प्रवेश के लिए अधिकृत किया है।
इसके अतिरिक्त, जिला में पीने के पानी के कुओं व अन्य स्रोतों के आसपास कपड़े धोने, पशुओं को नहलाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। सार्वजनिक यातायात, वाहनों एवं बस इत्यादि में उल्टी-दस्त के मरीजों के सफर करने पर भी रोक रहेगी। आदेशों में कहा गया है कि उनकी अनुमति के बिना जिला में किसी प्रकार का मेला आयोजित नहीं किया जा सकेगा।
जिलाधीश द्वारा पारित आदेशानुसार संबंधित ग्रामीणों व शहरी क्षेत्रों के चिकित्सा अधिकारियों, ग्राम पंचायतों, नगरपालिकाओं व नगरपरिषदों के प्रधानों को 24 घंटे के अंदर-अंदर पीलिया से संबंधित मामलों की जिला के सिविल सर्जन को रिपोर्ट करनी होगी। जिलाधीश द्वारा यह आदेश 31 दिसंबर 2025 तक लागू रहेंगे।
