वैष्णो देवी दरबार से लौटे फारूक अब्दुल्ला, बोले- “शांति और प्रगति की प्रार्थनाएं जरूर होंगी स्वीकार”
जम्मू/श्रीनगर, 11 जून: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को कटरा स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर में रात्रि विश्राम और विशेष पूजा के बाद श्रीनगर लौटते हुए कहा कि “हमने शांति, प्रगति और भाईचारे के लिए प्रार्थना की है और उम्मीद है कि वे जरूर स्वीकार होंगी।”
फारूक अब्दुल्ला हाल ही में शुरू हुई वंदे भारत एक्सप्रेस से मंगलवार को पहली बार यात्रा करते हुए कटरा पहुंचे थे। उन्होंने मंदिर परिसर में रात्रि विश्राम किया और भव्य पूजा में हिस्सा लिया।
श्रीनगर रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत में 87 वर्षीय अब्दुल्ला ने कहा, “मेरे जीवन में यह सपना था कि कश्मीर देश के बाकी हिस्सों से रेलमार्ग से जुड़े, और आज वह सपना साकार हुआ। यह ट्रेन जम्मू-कश्मीर के लिए वरदान है, जिससे व्यापार, पर्यटन और आवागमन को गति मिलेगी।”
इस यात्रा में उनके साथ पोते ज़मीर और जाहिद, राज्य मंत्री सतीश शर्मा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी और पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता तनवीर सादिक सहित कई एनसी विधायक मौजूद थे।
मंत्री सतीश शर्मा ने बताया कि फारूक अब्दुल्ला ने 3 जून को गांदरबल में मेले के दौरान वैष्णो देवी जाने की इच्छा जताई थी। “हमने मंदिर में तीन बार दर्शन किए। अब्दुल्ला जी खुद दो-तीन किलोमीटर पैदल चलकर गर्भगृह तक पहुंचे और हम सबने जम्मू-कश्मीर की खोई हुई प्रतिष्ठा को फिर से पाने के लिए प्रार्थना की।”
उन्होंने कहा कि टीम ने वैश्विक स्तर पर भारत की प्रगति और अप्रैल 22 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले और पाकिस्तान की गोलीबारी में मारे गए लोगों के लिए भी प्रार्थना की।
एनसी के प्रांतीय अध्यक्ष रत्तन लाल गुप्ता ने कहा, “फारूक अब्दुल्ला की इस यात्रा ने देशभर में सकारात्मक संदेश भेजा है और हम आशा करते हैं कि पर्यटन उद्योग, जिसे हालिया हमलों से झटका लगा है, अब पुनः पटरी पर लौटेगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि अब्दुल्ला के रात्रि प्रवास के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या में तत्काल वृद्धि देखी गई है और आने वाले दिनों में यह और बढ़ेगी।
