राबड़का में बीड़ा भूमि के निजी ट्रस्ट को आवंटन पर ग्रामीणों का विरोध, ज्ञापन सौंपकर निरस्तीकरण की मांग
निजी ट्रस्ट को भूमि आवंटन के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश
टपूकड़ा। क्षेत्र के राबड़का गांव में बीड़ा स्वामित्व वाली बारानी सोयम भूमि को सार्थक एजुकेशनल ट्रस्ट दिल्ली को आवंटित करने की विज्ञप्ति जारी होने के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश फैल गया है।
ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप टपूकड़ा उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और इस आवंटन को तुरंत निरस्त करने की मांग की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री, अलवर सांसद, विधायक, कलेक्टर और बीड़ा प्राधिकरण के नाम भी विरोध पत्र भेजा गया है।
निजी ट्रस्ट को भूमि आवंटन पर जताया कड़ा एतराज
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव की लगभग 64 बीघा भूमि, जो खेती और पशुओं के चारागाह के उपयोग में आती है, उसे निजी ट्रस्ट को सौंपने का निर्णय गलत है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन और विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।
मास्टर प्लान और पूर्व प्रस्तावनाओं का हवाला
राबड़का निवासी अधिवक्ता जयसिंह ने बताया कि यह भूमि मास्टर प्लान के अनुसार रेलवे कंटेनर डिपो के लिए आरक्षित है और पहले भी इसे पुलिस लाइन तथा अन्य सरकारी संस्थानों के लिए निरीक्षण किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि राबड़का के निकट खुशखेड़ा, कारौली तथा सलारपुर में राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम (RIICO) द्वारा वृहद औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा चुके हैं, जहां पहले से ही शिक्षा संस्थान, अस्पताल और पेट्रोल पंप स्थापित करने का प्रावधान है। ऐसे में राबड़का की भूमि को निजी ट्रस्ट को देना ग्रामीणों के हितों के खिलाफ है।
विरोध प्रदर्शन की दी चेतावनी
इस मौके पर ग्रामीण प्रतिनिधियों में रवि यादव, पूर्व सरपंच नरेंद्र यादव, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि सत्य प्रकाश, हनुमत, हेतराम, रामकिशन, सोनू समेत अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने दोहराया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन तेज करेंगे और बड़े स्तर पर विरोध दर्ज कराएंगे।
