पहलगाम आतंकी हमला: रक्षा मामलों पर संसदीय समिति की बैठक आज, प्रधानमंत्री मोदी से मिले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

 तनावपूर्ण हालात पर देश-दुनिया की नजर

नई दिल्ली: सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात कर जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब पाकिस्तान सेना द्वारा लगातार चौथे दिन नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय चौकियों पर गोलीबारी की गई है।

दोपहर 3 बजे होगी संसदीय समिति की बैठक
संसदीय स्थायी समिति (रक्षा संबंधी) की बैठक सोमवार दोपहर 3:00 बजे संसद भवन एनेक्सी में आयोजित की जाएगी। बैठक में पहलगाम हमले के बाद की सुरक्षा तैयारियों और सीमा की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

भारतीय सेना ने दिया माकूल जवाब
पाकिस्तान की तरफ से हो रही उकसावे वाली कार्रवाईयों का भारतीय सेना ने कड़ा जवाब दिया है। रविवार की रात तुतमरी गली और रामपुर सेक्टर में पाकिस्तान की पोस्टों को निशाना बनाया गया।

एनआईए ने जांच अपने हाथ में ली
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के हाथ में है। यह हमला पाकिस्तान प्रायोजित था और इसे लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के फ्रंट ग्रुप The Resistance Front (TRF) ने अंजाम दिया था। NIA पूरे इलाके में सबूतों की तलाश में जुटी है ताकि आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।

भारत की जवाबी कार्रवाई: समझौते और संपर्क बंद
भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं — जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना और अटारी बॉर्डर को बंद करना शामिल है। यह निर्णय हमले के बाद लिए गए प्रतिशोधात्मक कदमों का हिस्सा है।

अमेरिका और चीन की प्रतिक्रिया
अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत और पाकिस्तान से शांति और जिम्मेदार समाधान निकालने की अपील की है। वहीं, चीन ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तानी समकक्ष इशाक डार से फोन पर बात की और दोनों देशों से संयम बरतने की सलाह दी।

मोदी का ‘मन की बात’ में कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पहलगाम हमले को लेकर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि दोषियों को कठोरतम सजा दी जाएगी।

आतंकी समर्थकों पर कार्रवाई, आवास गिराए गए
दक्षिण कश्मीर और बांदीपोरा में तीन संदिग्ध आतंकियों के मकानों को ढहा दिया गया है। यह कार्रवाई हमले के बाद की कठोर नीति का हिस्सा है।

भारत-पाकिस्तान के बीच नागरिकों की वापसी
पिछले चार दिनों में 850 भारतीय नागरिक और 14 राजनयिक अधिकारी पाकिस्तान से वाघा-अटारी बॉर्डर के जरिये भारत लौटे हैं। इसी दौरान 537 पाकिस्तानी नागरिक, जिनमें 9 राजनयिक भी शामिल हैं, भारत से पाकिस्तान वापस गए।

 

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