तमिलनाडु जहरीली शराब कांड: नड्डा ने विपक्षी गठबंधन को घेरा, खरगे को पत्र लिखकर कांग्रेस की चुप्पी पर उठाया सवाल

नई दिल्ली। तमिलनाडु में जहरीली शराब त्रासदी को लेकर भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखा और इस मुद्दे पर उनकी पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाया। हाल ही में हुई शराब त्रासदी से कई लोगों की मौत हुई है।

पत्र में उन्होंने कहा कि यह पूरी त्रासदी मानव जनित है और अगर द्रमुक और विपक्षी गंठबंधन सरकार और अवैध शराब माफियाओं के बीच गठजोड़ नहीं होता तो 56 लोगों की जान बच सकती थी। नड्डा ने कहा कहा, “तमिलनाडु में जहरीली शराब त्रासदी के बाद कल्लाकुरिची के करुणापुरम गांव में चिताएं जलाने की भयावह तस्वीरों ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है।”

उन्होंने कहा, “करुणापुरम में अनुसूचित जाति की आबादी काफी ज्यादा है, जो गरीबी और भेदभाव के कारण कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। मैं हैरान हूं कि जब इतनी बड़ी आपदा आई है, तो आपके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने चुप्पी क्यों साध रखी है।” भाजपा प्रमुख ने कहा, “कुछ मुद्दों पर हमें पार्टी लाइन से ऊपर उठने की जरूरत है और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति समुदाय का कल्याण और सुरक्षा ऐसा ही मुद्दा है।”

नड्डा ने खरगे से कहा कि वह तमिलनाडु की द्रमुक-इंडि गठबंधन सरकार पर सीबीआई जांच कराने और राज्य के निषेध एवं उत्पाद शुल्क मंत्री एस मुथुसामी को उनके पद से तत्काल हटाने का अनुरोध करें।

उन्होंने यह भी मांग की कि पीड़ितों के परिजनों को दी जाने वाली मुआवजे की राशि को उचित स्तर तक बढ़ाया जाए, ताकि इन परिवारों का पर्याप्त समर्थन सनिश्चित हो सके। पत्र में उन्होंने आगे कहा, आज समय है कि न्याय पर की गई बातों पर सही मायने में अमल किया जाए। न कि इसे केवल एक चुनावी नारे तक सीमित रखा जाए। नड्डा ने आगे कहा, आज तमिलनाडु के लोग और पूरा अनुसूचित जाति समुदाय कांग्रेस पार्टी और खासतौर पर राहुल गांधी और इंडि गठबंधन के नेताओं की दोहरे मानकों देख रहा है।

 

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