ऐलनाबाद, 29मई( एम पी भार्गव): पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशानुसार साइबर थाना सिरसा की टीम ने एक महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए व्हाट्सएप के जरिए 42,580 रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को रोहतक के महम क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है।साइबर थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर प्रेम कुमार ने बताया कि ऐलनाबाद निवासी पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी कि 22 मई 2026 को उसके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपनी व्हाट्सएप प्रोफाइल पर राजस्थान निवासी उसकी भाभी की फोटो लगाई थी। उसने खुद को राजस्थान से उसके मामा का लड़का बताते हुए बताया कि उसकी भाभी बीमार है और पैसों की जरूरत है।
आरोपी ने पीड़ित को स्कैनर भेजकर पैसे की डिमांड की। भरोसे के चलते पीड़ित ने 42,580 रुपये भेज दिए।थोड़ी ही देर बाद आरोपी ने दोबारा कॉल कर अतिरिक्त पैसे की मांग की। तभी पीड़ित को शक हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है। पीड़ित व्यक्ति की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना सिरसा ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।जांच में तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी विकास पुत्र काली चरण, निवासी जौहरी गेट, वार्ड नंबर 11, महम, जिला रोहतक को पकड़ लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
साइबर थाना प्रभारी ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्हाट्सएप कॉल या मैसेज पर भरोसा करते समय सावधानी बरतें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति द्वारा पैसे की मांग आने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें और फर्जी कॉल या स्कैनर के जाल में न फंसे।इस गिरफ्तारी से एक बार फिर यह संदेश गया है कि साइबर अपराधियों को किसी भी हाल में कानून की पकड़ से बाहर नहीं रखा जाएगा।
पुलिस ने कहा कि तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर ऐसे अपराधियों का पर्दाफाश किया जाएगा और उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जाएगा। सिरसा पुलिस की सतर्कता और कड़ी कार्रवाई ने इस साइबर ठगी के मामले में तेजी से सफलता हासिल की है और इससे नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होगी।
