नवजात के लिए मां का दूध सबसे मजबूत सुरक्षा कवच : सीएमओ

मां अपने बच्चे को स्तनपान जरूर करवाएं , मा का दुग्ध अमृत के समान ।

Ellenabad, August 5 (डॉ एम पी भार्गव): विश्व स्तनपान सप्ताह-2026 के अवसर पर जिला नागरिक अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. पवन कुमार ने कहा कि मां का दूध नवजात शिशु के स्वस्थ, सुरक्षित और संपूर्ण विकास का सबसे मजबूत सुरक्षा कवच होता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है। इस अभियान का उद्देश्य माताओं को स्तनपान के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ ऐसा सहयोगी वातावरण तैयार करना है, जहां प्रत्येक महिला बिना किसी बाधा के अपने शिशु को स्तनपान करा सके।

सिविल सर्जन ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), यूनिसेफ, विभिन्न देशों के स्वास्थ्य मंत्रालय तथा अनेक सामाजिक संगठनों के सहयोग से यह अभियान चलाया जाता है। उन्होंने कहा कि मां के दूध को शिशु का पहला टीका भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें पोषक तत्वों का संतुलित मिश्रण होने के साथ-साथ रोगों से लड़ने वाली प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता भी होती है। जन्म के तुरंत बाद निकलने वाला पहला गाढ़ा पीले रंग का दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहा जाता है, नवजात के लिए अत्यंत पौष्टिक और लाभकारी होता है।

उप सिविल सर्जन डॉ. रॉकी ने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए सबसे सुरक्षित, प्राकृतिक और संपूर्ण आहार है। इसके बावजूद आज भी दुनिया में छह माह से कम आयु के आधे से भी कम बच्चों को केवल मां का दूध मिल पाता है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जन्म के बाद शुरुआती छह माह तक केवल स्तनपान ही बच्चे के शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए सबसे आवश्यक है।

जिला आशा समन्वयक अनिल मलिक एवं किशोरावस्था काउंसलर कमल कक्कड़ ने कहा कि यदि माताओं को सही जानकारी, परिवार का सहयोग तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों.

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