Kayastha Mahasammelan: विराट कायस्थ महासम्मेलन में दिखेगी कला-संस्कृति की झलक, पर्यावरण संरक्षण पर भी रहेगा फोकस
Virat Kayastha Mahasammelan 2026: ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) की ओर से आगामी 20 दिसंबर को नवी मुंबई के खारघर में आयोजित होने वाले विराट कायस्थ महासम्मेलन को खास बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। सम्मेलन में कायस्थ समाज की कला, संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष प्रस्तुति होगी। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
इस संबंध में जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में महासम्मेलन के दौरान होने वाले कला एवं संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें जीकेसी के राष्ट्रीय महासचिव नवीन कुमार, कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ के ग्लोबल कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम कुमार और ग्लोबल महासचिव पवन सक्सेना शामिल हुए।
Kayastha Mahasammelan: कला और संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ने पर जोर
बैठक की अध्यक्षता करते हुए रागिनी रंजन ने कहा कि कला और संस्कृति किसी भी समाज की पहचान और उसकी विरासत को संरक्षित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। महासम्मेलन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए प्रतिभाशाली कलाकारों को मंच दिया जाएगा और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने सभी प्रदेशों में कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ को सक्रिय बनाने पर जोर देते हुए साहित्य, संगीत, नृत्य और रंगमंच से जुड़े प्रतिभाशाली लोगों को संगठन से जोड़ने की बात कही। साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने की आवश्यकता बताई।
Kayastha Mahasammelan: सभी प्रदेशों में कला-संस्कृति प्रकोष्ठ का होगा विस्तार
जीकेसी के राष्ट्रीय महासचिव नवीन कुमार ने कहा कि विराट कायस्थ महासम्मेलन की सफलता के लिए सभी समितियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना समय रहते तैयार कर उनका प्रभावी आयोजन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने सभी प्रदेशों में कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष, महासचिव और अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति पर जोर दिया। उनके अनुसार, इससे संगठनात्मक ढांचा मजबूत होगा और सांस्कृतिक गतिविधियों को देशभर में विस्तार मिलेगा।
Kayastha Mahasammelan: विभिन्न राज्यों के कलाकारों को मिलेगा मंच
कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ के ग्लोबल कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि महासम्मेलन में कायस्थ समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रतिभाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। प्रकोष्ठ के माध्यम से विभिन्न प्रदेशों के कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
वहीं, प्रकोष्ठ के ग्लोबल महासचिव पवन सक्सेना ने कहा कि सभी प्रदेशों में पदाधिकारियों की नियुक्ति से संगठन की गतिविधियों को गति मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण पर आधारित कार्यक्रमों के जरिए समाज में जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा।
महासम्मेलन के माध्यम से कला, संस्कृति, सामाजिक एकजुटता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को एक मंच पर लाने की तैयारी की जा रही है।
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