वेदांता एल्यूमिनियम ने नियुक्त की वेदांता समूह की पहली महिला लोकोमोटिव इंजन टीम

महिलाओं को मिली लॉजिस्टिक्स संचालन की जिम्मेदारी, लैंगिक समावेशिता की दिशा में ऐतिहासिक पहल

रायपुर: वेदांता एल्यूमिनियम, भारत की सबसे बड़ी एल्यूमिनियम उत्पादक कंपनी, ने झारसुगुड़ा स्थित अपने विश्वस्तरीय एल्यूमिनियम स्मेल्टर प्लांट में महिला लोकोमोटिव इंजन टीम की नियुक्ति कर एक नया इतिहास रच दिया है। यह कदम वेदांता समूह में अपनी तरह की पहली पहल है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक क्षेत्रों में लैंगिक समावेशिता और विविधता को बढ़ावा मिलेगा।

महिला पेशेवरों को मिली महत्वपूर्ण लॉजिस्टिकल भूमिका
नवगठित महिला टीम को संयंत्र में कच्चे माल की आंतरिक आवाजाही के लिए लोकोमोटिव इंजन व रेक संचालन की ज़िम्मेदारी दी गई है। इस टीम में चार शिफ्ट-आधारित लोको ड्राइवर, एक गेटवुमन और दो सहायक कर्मचारी शामिल हैं। ये महिलाएं सुरक्षित व कुशल संचालन और इंजन के रखरखाव का दायित्व निभाएंगी।

‘श्री शक्ति’ से लेकर महिला-प्रबंधित पॉटलाइन तक कई अग्रणी कदम
वेदांता एल्यूमिनियम ने इससे पहले भी झारसुगुड़ा में ‘श्री शक्ति’ कार्यक्रम के तहत 108 महिलाओं को रात की पाली में अहम भूमिकाओं में नियुक्त किया है। हाल ही में कंपनी ने भारतीय एल्यूमिनियम उद्योग की पहली पूर्णतः महिला-प्रबंधित पॉटलाइन की शुरुआत की, जो तीन चरणों में 100 से अधिक महिला कर्मचारियों द्वारा चलाई जाएगी।

नेतृत्व की राय: समावेशिता से ही आती है असली प्रगति
वेदांता एल्यूमिनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा:

“सच्ची प्रगति समान अवसरों से आती है। हमारी महिला लोको टीम रूढ़ियों को तोड़ रही है और भविष्य की औद्योगिक नेतृत्व की नई परिभाषा तय कर रही है।”

सीओओ सुनील गुप्ता ने कहा:

“हमारी सभी भूमिकाएं लिंग-भेद रहित हैं। यह पहल यह सुनिश्चित करती है कि योग्यता और संकल्प को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।”

महिला शक्ति का योगदान और भविष्य की दृष्टि
वर्तमान में, 1200+ महिला पेशेवर वेदांता एल्यूमिनियम में तकनीकी और प्रबंधकीय दोनों क्षेत्रों में कार्यरत हैं। उन्हें विशेष प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया जाता है, जिससे वे धातु और खनन क्षेत्र में अभूतपूर्व करियर बना सकें।

‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ और 2030 का लक्ष्य
कंपनी को लगातार ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ का प्रमाणन मिलता रहा है। वेदांता एल्यूमिनियम का लक्ष्य है कि 2030 तक कार्यबल में 30% महिलाएं शामिल हों। फ्रेशर भर्ती में 50% महिला उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाती है।

वेदांता एल्यूमिनियम: भविष्य की धातु का अग्रदूत
वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 24.2 लाख टन एल्यूमिनियम उत्पादन कर भारत की आधी से अधिक जरूरतें पूरी कीं। सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के चलते कंपनी एसएंडपी ग्लोबल रैंकिंग में विश्व में दूसरे स्थान पर रही है। वेदांता एल्यूमिनियम अब अपने मिशन “भविष्य की धातु के लिए नवाचार” के साथ आगे बढ़ रहा है।

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