जलियांवाला बाग पहुंचकर तरुण चुघ ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, कहा- यह धरती मंदिर से कम नहीं
जलियांवाला बाग में शहीदों को नमन, विकसित भारत के निर्माण का लिया संकल्प
-क्रांतिकारियों के बलिदान ने देश को दी आजादी की राह, उनके सपनों का भारत बनाने का संकल्प
-अमृतसर की धरती ने गदर आंदोलन से लेकर भगत सिंह और ऊधम सिंह तक अनेक वीरों को दी प्रेरणा
-पाकिस्तान में सिखों पर हमलों की निंदा, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
- रिपोर्ट: ललित शर्मा
भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद शहीदों की जन्मभूमि और देशभक्ति के प्रतीक जलियांवाला बाग पहुंचकर स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग केवल एक ऐतिहासिक स्मारक नहीं, बल्कि देशभक्ति, त्याग और बलिदान की जीवंत प्रेरणा है। यह वह पवित्र धरती है जहां अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए हजारों भारतीयों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।
मीडिया से बातचीत करते हुए तरुण चुघ ने कहा कि उनके लिए जलियांवाला बाग किसी मंदिर से कम नहीं है। यह वह स्थान है जहां से देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण की शक्ति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि पंजाब की इस पावन धरती ने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की है और देश को अनेक क्रांतिकारी दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता आज यहां यह संकल्प लेने आए हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक शक्तिशाली, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण के सपने को साकार करेंगे।

चुघ ने कहा कि क्रांतिकारियों का सपना ऐसा भारत था जहां जाति-पाति का भेदभाव न हो, समाज में समानता हो और विश्व के सामने शांति एवं मानवता का संदेश देने वाला सशक्त राष्ट्र खड़ा हो। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग की मिट्टी ने अनेक स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया। शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी यहां आए थे और इस पवित्र मिट्टी को अपने साथ लेकर गए थे। उन्होंने अपनी जीवन यात्रा में स्वीकार किया था कि वे करतार सिंह सराभा और जलियांवाला बाग के बलिदान से गहराई से प्रभावित थे।

इस अवसर पर भाजपा पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति और विकास के लिए शहीदों के बलिदान को हमेशा याद रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश के स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।
केवल सिंह ढिल्लों ने पाकिस्तान में हाल ही में सिख समुदाय पर हुए हमलों और हत्याओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक घटनाएं हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पाकिस्तान सरकार पर सख्त कार्रवाई के लिए दबाव बनाने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में रहने वाले सिखों और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक गंभीर मुद्दा है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
