योगी सरकार द्वारा मिड्डे मील योजना के अंतर्गत बच्चों को पौष्टिक भोजन के दौरान बच्चों से धुलवाए जा रहे हैं झूठे बर्तन

  • रिपोर्ट: ज्ञानेश वर्मा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा मिड्डे मील योजना के अंतर्गत स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान किया जा रहा है, जिससे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सुधार हो सके। सरकार बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है।

हालांकि, जालौन जिले के जौराखेरा गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां प्राथमिक विद्यालय के बच्चों से मिड्डे मील के बाद झूठे बर्तन धुलवाए जा रहे हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक की मनमानी और लापरवाही के कारण यह हो रहा है, जो न सिर्फ कानूनन गलत है बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है। नियमानुसार, मिड्डे मील के बर्तन धोने के लिए स्कूलों में अलग से कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है, ताकि बच्चों को इस तरह के कार्यों में संलग्न न किया जाए।

इस घटना ने शिक्षकों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं। शिक्षकों का कार्य बच्चों को शिक्षा देना और उनके भविष्य को संवारना होता है, लेकिन जब वही शिक्षक बच्चों से ऐसा कार्य कराएं, तो यह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान है।

योगी सरकार बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें मिड्डे मील योजना भी शामिल है, ताकि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ पोषण भी मिले।

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