रामपुर में यातायात व्यवस्था बेपटरी! खुलेआम डग्गामार वाहन दौड़ रहे, जान जोखिम में डालकर सफर कर रही सवारियां
पिछले दिनों भी प्रमुखता से खबरें जंक्शन ने उठाया था मुद्दा, गहरी नींद सो रहे बड़े छोटे ज़िम्मेदार अधिकारी,
रामपुर। शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सड़कों पर खुलेआम डग्गामार वाहन दौड़ते नजर आ रहे हैं और इन वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने के साथ-साथ कई बार लोगों को वाहन के बाहर खड़े होकर सफर करते देखा जा सकता है। इसके बावजूद यातायात पुलिस की कार्रवाई नजर नहीं आने से आम लोगों में नाराजगी है।
वाहन के बाहर खड़े होकर सफर, हादसे को न्योता
रामपुर की सड़कों पर टेंपो, ऑटो और अन्य सवारी वाहनों में नियमों की अनदेखी का आरोप है। कई वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं, जबकि कुछ मामलों में यात्री बाहर लटककर या खड़े होकर सफर करते दिखाई देते हैं। यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं तो जिम्मेदार विभाग की नजर आखिर क्यों नहीं पड़ रही?
कार्रवाई के बजाय खामोशी क्यों?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यातायात पुलिस को समय-समय पर अभियान चलाकर ओवरलोडिंग, डग्गामारी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन सड़कों पर दिखाई दे रही स्थिति से ऐसा लगता है कि कार्रवाई का असर डग्गामार वाहन चालकों पर नहीं पड़ रहा है।
वहीं, कुछ लोगों द्वारा यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर उगाही के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है।
‘जनता की जान से खिलवाड़ कब रुकेगा?’
आम जनता का सवाल है कि यदि कोई डग्गामार वाहन क्षमता से अधिक सवारियां लेकर सड़क पर दौड़ रहा है और यात्री वाहन के बाहर खड़े होकर सफर कर रहे हैं, तो दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी?
यातायात पुलिस और परिवहन विभाग को चाहिए कि डग्गामार वाहनों, ओवरलोडिंग और सवारियों को बाहर खड़ा करके चलने वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही यह भी जांच हो कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
अब देखने वाली बात यह है कि रामपुर की यातायात व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे और सड़कों पर खुलेआम हो रही डग्गामारी पर कब शिकंजा कसा जाएगा।
