नई दिल्ली। आज के समय में पेट से जुड़ी समस्याएं आम होती जा रही हैं। गलत खानपान, कम पानी पीना और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण कब्ज एक आम परेशानी बन चुकी है। जब पेट ठीक से साफ नहीं होता, तो पूरे दिन शरीर भारी महसूस करता है और चिड़चिड़ापन भी बना रहता है। ऐसे में एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, ग्रेटर नोएडा के जनरल फिजिशियन डॉ. एस. ए. रहमान का कहना है कि कब्ज से राहत पाने के लिए सबसे पहले खानपान में बदलाव करना जरूरी है, खासकर यह समझना कि किस आटे की रोटी खाने से पेट को आराम मिलता है।
कब्ज क्यों होती है?
डॉ. एस. ए. रहमान के अनुसार जब भोजन में फाइबर की मात्रा कम होती है और पर्याप्त पानी नहीं पिया जाता, तो मल सख्त हो जाता है। इससे पेट साफ होने में दिक्कत आती है। ज्यादा तला-भुना भोजन, मैदा से बनी चीजें और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत कब्ज की समस्या को और बढ़ा देती है।
कब्ज में किस आटे की रोटी खानी चाहिए?
1. गेहूं के आटे की रोटी
साबुत गेहूं का आटा फाइबर से भरपूर होता है। इसमें मौजूद चोकर (भूसी) पेट साफ रखने में मदद करता है। कब्ज की समस्या में बारीक पिसे मैदा जैसे आटे से बचकर मोटा पिसा गेहूं का आटा इस्तेमाल करना बेहतर होता है।
2. ज्वार के आटे की रोटी
ज्वार का आटा पाचन के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। इसमें भरपूर फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है। कब्ज से परेशान लोगों को सप्ताह में 2–3 बार ज्वार की रोटी खाने की सलाह दी जाती है।
3. बाजरे के आटे की रोटी
बाजरा फाइबर से भरपूर होता है और विशेष रूप से सर्दियों में लाभकारी माना जाता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और मल को नरम बनाकर पेट साफ करने में मदद करता है।
4. रागी (मंडुआ) के आटे की रोटी
रागी का आटा पाचन के लिए अच्छा होता है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को कम करता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी एक बेहतर विकल्प माना जाता है।
5. जौ के आटे की रोटी
जौ का आटा आंतों को सक्रिय रखता है और पेट की सफाई में मदद करता है। गेहूं के आटे में थोड़ा जौ मिलाकर रोटी बनाना भी लाभकारी हो सकता है।
किन आटों से करें परहेज?
डॉक्टरों की सलाह है कि कब्ज की समस्या में मैदा, सूजी और ज्यादा रिफाइंड आटे से बनी रोटियां या पराठे खाने से बचना चाहिए। ये पेट में जाकर चिपक सकते हैं और कब्ज को बढ़ा सकते हैं।
रोटी के साथ क्या रखें ध्यान?
सिर्फ सही आटे की रोटी खाना ही पर्याप्त नहीं है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। भोजन में सब्जियां, सलाद और दही शामिल करें। खाने के बाद हल्की सैर करना भी पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है।
डॉक्टर की सलाह
डॉ. एस. ए. रहमान का कहना है कि यदि कब्ज लंबे समय से बनी हुई है, तो केवल आटा बदलना काफी नहीं होता। नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार और रोजाना थोड़ी एक्सरसाइज भी जरूरी है। यदि इसके बावजूद समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए।
कुल मिलाकर, फाइबर से भरपूर गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी और जौ जैसे आटे पेट को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। सही आहार और अच्छी आदतों को अपनाकर कब्ज की समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।
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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें
