ऐलनाबाद, मार्च (एमपी भार्गव)। अभय सिंह चौटाला ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “जनता की आवाज भगवान की आवाज है और जनता ने मुझे कांग्रेस और बीजेपी से दूरी बनाने को कहा है।” इसी के चलते पार्टी के दोनों विधायक मतदान से अनुपस्थित रहेंगे।
चौटाला ने कहा कि कांग्रेस से उनकी दूरी पहले से ही है, जबकि बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों में पार्टी ने जातिवाद और सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया है। उन्होंने बीजेपी नेताओं की भाषा को भी इनेलो विरोधी बताया और साफ कहा कि “हम किसी भी कीमत पर बीजेपी को वोट नहीं देंगे।” इस दौरान पार्टी के विधायक आदित्य देवीलाल और अर्जुन चौटाला भी मौजूद रहे।
राज्यसभा चुनाव को लेकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे 37 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे थे, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर भी विरोध है और क्रॉस वोटिंग के लिए हुड्डा ही जिम्मेदार होंगे।
चौटाला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “कांग्रेस में 100 करोड़ रुपये देकर राज्यसभा सांसद बनते हैं, जबकि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीजेपी द्वारा कांग्रेस विधायकों को 20-20 करोड़ रुपये में खरीदा जा रहा है।” उन्होंने इस पर कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग हो रही है, जो लोकतंत्र के खिलाफ है। खरीद-फरोख्त में शामिल दोनों पक्षों को दोषी बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके पीछे टिकट वितरण में गलत उम्मीदवारों का चयन भी एक कारण है।
क्रॉस वोटिंग को लेकर उन्होंने कानून बनाने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा करने वालों पर 6 साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगना चाहिए।
निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के समर्थन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि नांदल का फोन आया था, लेकिन उनके वोट डालने या न डालने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।
चौटाला ने बताया कि पार्टी ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में पर्यवेक्षक भेजे थे और उनके फीडबैक के आधार पर ही मतदान से दूर रहने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में तीनों प्रमुख पार्टियां प्रदेश का नुकसान कर रही हैं और जनता आने वाले चुनावों में इन्हें जवाब देगी।
