पानी के नीचे छिपा ‘भूकंप का रहस्य’, हर 5-6 साल में आता है समान तीव्रता का झटका

दुनिया भर में भूकंप की सटीक भविष्यवाणी करना अब तक वैज्ञानिकों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है, लेकिन अब शोधकर्ताओं ने समुद्र के नीचे मौजूद एक ऐसे फॉल्ट का रहस्य समझने का दावा किया है, जहां भूकंप लगभग तय समय पर और लगभग एक जैसी तीव्रता के साथ आते हैं। यह अध्ययन भविष्य में भूकंप की बेहतर भविष्यवाणी की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

शोधकर्ताओं ने प्रशांत महासागर में स्थित गोफार ट्रांसफॉर्म फॉल्ट पर अध्ययन किया। यह फॉल्ट इक्वाडोर के पश्चिम में समुद्र की गहराई में मौजूद है और प्रशांत तथा नाज्का टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा बनाता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये दोनों प्लेटें हर साल करीब 140 मिलीमीटर की रफ्तार से एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं। वर्ष 1995 से रिकॉर्डिंग शुरू होने के बाद से यहां लगभग हर पांच से छह साल में 6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है।

अमेरिका और कनाडा के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया कि इस फॉल्ट के कुछ हिस्से प्राकृतिक “ब्रेक” की तरह काम करते हैं, जो बड़े भूकंपों को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इंडियाना यूनिवर्सिटी ब्लूमिंगटन के भूकंप विज्ञानी जियानहुआ गोंग ने कहा कि वैज्ञानिक लंबे समय से जानते थे कि ऐसे बैरियर मौजूद हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि वे किससे बने हैं और हर बार भूकंप को एक निश्चित सीमा में कैसे रोक लेते हैं।

शोध के अनुसार, फॉल्ट के आसपास मौजूद बैरियर जोन एक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं। “डाइलेटेंसी स्ट्रेंथनिंग” नामक प्रक्रिया के तहत समुद्र का पानी चट्टानों की गहराई तक पहुंच जाता है, जिससे चट्टानें कुछ समय के लिए स्थिर हो जाती हैं और बड़े झटकों का असर कम हो जाता है।

वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि ये बैरियर जोन कई छोटे-छोटे फॉल्ट का जटिल नेटवर्क होते हैं, जो बड़े भूकंप से पहले आने वाले छोटे झटकों को सोख लेते हैं। जब मुख्य भूकंप आता है, तब आसपास की पानी से भरी चट्टानें फैलती हैं और दरारों में अधिक पानी भर जाता है। इससे दबाव बदलता है और चट्टानें “जाम” होकर आगे खिसकने से रुक जाती हैं, जिससे भूकंप की तीव्रता सीमित रह जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अनुमानित फॉल्ट के रहस्यों को समझकर भविष्य में भूकंप के मॉडल और अधिक सटीक बनाए जा सकते हैं। यह अध्ययन प्रतिष्ठित पत्रिका Science में प्रकाशित हुआ है।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.